Chhattisgarh Ram Van Gaman Path: छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के 31 नए स्थल होंगे विकसित, दो महीने में शुरू होगा काम

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Chhattisgarh Ram Van Gaman Path: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों को विकसित करने की तैयारी कर रही है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन स्थलों पर विकास कार्य शुरू करने से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रियाएं दो महीने के भीतर पूरी की जाएं।

इसमें विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना, निविदा प्रक्रिया पूरी करना और निर्माण एजेंसी का चयन करना शामिल है। सरकार का लक्ष्य इन प्रक्रियाओं के बाद कार्यादेश जारी कर निर्माण शुरू कराना है। इसके अलावा पहले से विकसित स्थलों पर अधूरे काम जल्द पूरे करने और वहां बनी पर्यटन सुविधाओं के संचालन की व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया गया है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर पर्यटन विकास, रामलला दर्शन योजना और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

दो महीने में पूरी होंगी DPR और टेंडर की प्रक्रियाएं

Chhattisgarh Ram Van Gaman Path: छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के 31 नए स्थल होंगे विकसित, दो महीने में शुरू होगा काम

राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत नए चिह्नित 31 स्थलों को विकसित करने के लिए विभाग को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की योजना है कि दो महीने के भीतर परियोजनाओं से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

पहले चरण में चयनित 10 स्थलों के अतिरिक्त बस्तर क्षेत्र के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को भी योजना में शामिल करने की संभावना पर विचार किया गया है। इसके लिए आवश्यक बजट प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

पर्यटन परिपथ के अंतर्गत पहले से विकसित स्थलों के अधूरे कार्य पूरे करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। वहां निर्मित पर्यटन इकाइयों, सार्वजनिक शौचालयों और कैफेटेरिया के संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय समितियों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुविधाओं का नियमित रखरखाव हो सके।

चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की योजना

बस्तर स्थित प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए सरकार ने तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा है।

इसके लिए निर्धारित समयसीमा में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। योजना का उद्देश्य चित्रकोट की प्राकृतिक सुंदरता के साथ पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

चित्रकोट जलप्रपात छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। इसके विकास से बस्तर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावनाएं हैं। हालांकि, परियोजना के स्वरूप और आगे की प्रक्रिया से संबंधित विवरण प्रस्ताव के अगले चरणों में स्पष्ट होंगे।

144 पर्यटन स्थलों का सर्वे, 20 जगहों पर पहले सुविधाएं

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का गैप फिलिंग असेसमेंट पूरा कर लिया है। इस सर्वेक्षण के आधार पर 20 प्राथमिकता वाले स्थलों पर पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन स्थलों पर सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को तेजी से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले लोगों को बेहतर अनुभव देना और सुविधाओं की कमी दूर करना है।

इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए स्थानीय समितियों को जिम्मेदारी देने या सुलभ इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा। इससे पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और रखरखाव को नियमित बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

माता कौशल्या धाम चंदखुरी में नई प्रतिमा की स्थापना

समीक्षा बैठक में माता कौशल्या धाम चंदखुरी से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने मंदिर समिति से बातचीत कर प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा को स्थानांतरित करने और जल्द स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पर्यटन परिपथ का उद्देश्य भगवान श्रीराम से जुड़ी मान्यताओं और धार्मिक स्थलों को पर्यटन विकास से जोड़ना है। ऐसे में चंदखुरी जैसे स्थलों पर सुविधाओं का विकास धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा है।

सरकार की ओर से पहले से विकसित पर्यटन स्थलों के अधूरे काम पूरे करने और निर्मित इकाइयों के संचालन की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

रामलला दर्शन योजना के लिए वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था

रामलला दर्शन योजना की समीक्षा के दौरान पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अयोध्या धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

बैठक में बताया गया कि पेंट्री बोगी से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण यदि IRCTC ट्रेन उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जाए। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के माध्यम से अलग एजेंसी चुनने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए।

इस कदम का उद्देश्य योजना के तहत यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन संचालन की व्यवस्था बनाए रखना है। वैकल्पिक एजेंसी के चयन और संचालन से संबंधित प्रक्रिया आगे के निर्णयों के आधार पर पूरी की जाएगी।

भोरमदेव कॉरिडोर और होमस्टे योजना पर भी जोर

मंत्री राजेश अग्रवाल ने भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को नियमों के अनुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।

होमस्टे नीति के तहत चयनित हितग्राहियों को कैपिटल सब्सिडी जल्द उपलब्ध कराने और तीन चरणों में सहायता राशि बांटने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। इससे पर्यटन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और पर्यटकों के ठहरने की सुविधाओं को विस्तार देने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन मंडल की जिन इकाइयों को तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को लीज पर देना संभव नहीं है, उनका संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने पर भी जोर दिया गया। साथ ही प्रत्येक पर्यटन इकाई में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी बताने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया।

पर्यटन मार्गों पर बनेंगे सुविधा केंद्र

पर्यटकों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर वेसाइड एमेनिटीज यानी रास्ते में जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों से समन्वय कर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र और राज्य सरकार की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी के लिए सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से इंजीनियरों की सेवाएं लेने पर भी सहमति दी गई।

बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन की तैयारियों, कुदरगढ़ रोप-वे, मंदिर परिसरों के तालाबों और झीलों के जीर्णोद्धार, फिल्म सिटी तथा ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और स्वीकृत बजट का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।

कलाकारों और पुरातात्विक धरोहरों के लिए भी योजनाएं

संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान कलाकारों के पंजीयन के लिए संचालित चिन्हारी पोर्टल को अपडेट करने के निर्देश दिए गए। कलाकार दलों की श्रेणी में सुधार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

पुरातत्व विभाग से सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो नियमित रूप से संचालित करने को कहा गया। अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन और रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से संबंधित सामग्री को व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए।

मंत्री ने अधिकारियों से सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक निर्देश पर हुई कार्रवाई का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने को कहा।

पर्यटन विकास से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर

राज्य सरकार की इन योजनाओं में धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन केंद्रों और ऐतिहासिक धरोहरों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर काम शुरू करने की तैयारी इसी दिशा में एक अहम कदम है।

चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, सिरपुर की परियोजना आगे बढ़ाने, होमस्टे सुविधाओं को प्रोत्साहित करने और पर्यटन मार्गों पर सुविधा केंद्र बनाने से स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल विभाग को निर्धारित समयसीमा में परियोजनाओं की औपचारिकताएं पूरी करने और निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दो महीनों में राम वनगमन पर्यटन परिपथ के नए स्थलों की परियोजना रिपोर्ट, निविदा और एजेंसी चयन की प्रगति पर नजर रहेगी।

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