Chhattisgarh Urban Local Bodies: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर संबंधित विभाग ने सख्ती दिखाई है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कामकाज में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर प्रदेश के 40 नगरीय निकायों को नोटिस जारी किया गया है। सभी संबंधित निकायों को अधूरे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और प्रगति रिपोर्ट तीन दिन के भीतर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में राज्य प्रवर्तित योजनाओं के तहत स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों का विवरण मांगा गया है। विभाग यह जानकारी जुटाना चाहता है कि किन परियोजनाओं पर कितना काम पूरा हुआ है और कौन से कार्य अब भी लंबित हैं। निर्धारित समयसीमा में जानकारी नहीं देने या काम में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर सवाल

नगरीय निकायों में सड़क, नाली, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कई निकायों में स्वीकृत विकास कार्य अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं।
विभाग की ओर से पहले भी संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने और लंबित परियोजनाओं की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर 40 निकायों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में संबंधित 40 निकायों के नाम, प्रत्येक परियोजना की लागत और देरी के अलग-अलग कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। इन बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही लंबित कार्यों की स्थिति का पूरा आकलन किया जा सकेगा।
राज्य प्रवर्तित योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों का मांगा हिसाब

विभाग द्वारा जारी नोटिस में राज्य प्रवर्तित योजनाओं के तहत स्वीकृत और निर्माणाधीन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति बताने को कहा गया है। संबंधित नगरीय निकायों को यह स्पष्ट करना होगा कि प्रत्येक कार्य किस चरण में है और अब तक कितनी प्रगति हुई है।
इसके साथ ही अधूरे कार्यों से जुड़ी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। इसमें परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति से संबंधित विवरण शामिल करना होगा, ताकि विभाग को लंबित कामों की समीक्षा करने में आसानी हो।
इस प्रक्रिया के जरिए विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि विकास कार्यों में देरी कहां हो रही है और उन्हें पूरा करने के लिए किन स्तरों पर कार्रवाई की जरूरत है।
तीन दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी रिपोर्ट
Chhhattisgarh Urban Local Bodies से जुड़े इस मामले में संबंधित निकायों को रिपोर्ट अपलोड करने के लिए तीन दिन की समयसीमा दी गई है। इस अवधि में उन्हें अधूरे विकास कार्यों का विवरण और उनकी मौजूदा प्रगति की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
निर्धारित समयसीमा कम होने के कारण संबंधित निकायों को लंबित रिकॉर्ड जुटाने और जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करनी होगी। विभाग की इस कार्रवाई के बाद निकाय स्तर पर लंबित परियोजनाओं की समीक्षा को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
समय पर रिपोर्ट उपलब्ध होने से विभाग को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन से कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और किन परियोजनाओं में देरी बनी हुई है।
लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समयसीमा में जानकारी अपडेट नहीं करने और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
इसका मतलब है कि संबंधित निकायों को न केवल लंबित कामों का विवरण देना होगा, बल्कि विभागीय समीक्षा के दौरान उनकी प्रगति और देरी से जुड़े सवालों का जवाब भी देना पड़ सकता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने या किसी निकाय पर जुर्माना लगाए जाने की पुष्टि नहीं है।
आगे की कार्रवाई रिपोर्ट और विभागीय समीक्षा के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
विकास कार्यों की निगरानी पर विभाग का जोर
नगरीय निकाय स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्यों का संचालन करते हैं। ऐसे में स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और उनकी प्रगति का रिकॉर्ड बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
40 निकायों को नोटिस जारी करने और तीन दिन में रिपोर्ट मांगने का कदम लंबित कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग यह तय कर सकेगा कि किन परियोजनाओं पर अतिरिक्त निगरानी या सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
अब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की समीक्षा
Chhattisgarh Urban Local Bodies के तहत विकास कार्यों में देरी को लेकर जारी नोटिस के बाद अब संबंधित निकायों को निर्धारित समयसीमा में जानकारी देनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि काम में अनावश्यक देरी और रिपोर्ट अपडेट करने में लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में 40 निकायों के नाम और लंबित परियोजनाओं का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। संबंधित निकायों की रिपोर्ट मिलने और विभागीय समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन कामों में कितनी देरी हुई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।