Dongargarh Leopard News के बीच छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ वनांचल क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। डोंगरगढ़ से करीब 14 किलोमीटर दूर ग्राम ढारा के पास घोटिया रोड पर रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने तेंदुए को देखा।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ ढारा निवासी धवल चावड़ा के फार्म हाउस के आसपास नजर आया। रात के समय सड़क के करीब वन्यजीव दिखाई देने के बाद आसपास के ग्रामीणों में हलचल बढ़ गई। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार तेंदुए की मौजूदगी देखी जा चुकी है।
रात में सड़क के पास नजर आया तेंदुआ

स्थानीय जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों की नजर रात करीब 10 बजे घोटिया रोड के आसपास तेंदुए पर पड़ी। अचानक सड़क के नजदीक वन्यजीव को देखकर लोग सतर्क हो गए। कुछ ही समय में तेंदुए के दिखाई देने की जानकारी आसपास के गांवों में भी फैल गई।
जिस इलाके में तेंदुआ नजर आया, वहां ग्रामीणों का खेतों और फार्म हाउस की ओर नियमित आना-जाना रहता है। ऐसे में रात के समय तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
डोंगरगढ़ क्षेत्र में पहले भी दिख चुका है तेंदुआ

ग्रामीणों के मुताबिक, डोंगरगढ़ के वनांचल क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर इलाके में तेंदुआ देखे जाने की जानकारी सामने आती रही है।
बार-बार वन्यजीव के दिखाई देने से ग्रामीण अब संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय खेतों और फार्म हाउस की ओर जाने में उन्हें डर महसूस होता है।
खासकर बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखकर समय रहते जरूरी सावधानियां बरती जानी चाहिए।
वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग

तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग की टीम इलाके का निरीक्षण करे और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिन इलाकों में बार-बार तेंदुआ दिखाई देता है, वहां नियमित गश्त के साथ निगरानी के दूसरे इंतजाम भी किए जाने चाहिए। ग्रामीणों ने जरूरत के अनुसार कैमरा ट्रैप, नियमित पेट्रोलिंग और समय पर सूचना व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी का सबसे बड़ा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन्यजीव आबादी और खेतों के आसपास लगातार दिखाई दे रहा है तो पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
लोगों की मांग है कि वन विभाग ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दे। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग की मौजूदगी बढ़ाई जाए, ताकि किसी संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती
डोंगरगढ़ के ढारा और घोटिया रोड क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। जंगल से लगे ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही कई बार लोगों के लिए चिंता का कारण बन जाती है।
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे और जरूरत के मुताबिक सुरक्षा एवं निगरानी के इंतजाम करे। साथ ही, ग्रामीणों से भी रात के समय अकेले खेतों या सुनसान इलाकों में जाने से बचने और वन विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की जा सकती है।
Dongargarh Leopard News के बीच ग्रामीणों की नजर अब वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि समय रहते निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि तेंदुए की मौजूदगी से किसी तरह की अप्रिय घटना की स्थिति न बने।