Hashim Moosa Killed: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यूसमर्ग के कोराग इलाके में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया गया। सेना के चिनार कोर ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान चलाया, जिसमें हाशिम मूसा का शव और युद्ध संबंधी सामान बरामद किया गया। सेना के मुताबिक, इलाके में ऑपरेशन अभी जारी है।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

सेना की चिनार कोर के मुताबिक, बडगाम के कोराग और यूसमर्ग इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सर्च के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। सुरक्षा बलों ने संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग हुई और मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।
जंगल में छिपा था हाशिम मूसा

यूसमर्ग और उसके आसपास का इलाका घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों वाला है। ऐसे इलाके में आतंकियों की तलाश करना सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगलों में तलाशी जारी रखी। बुधवार सुबह पालमैदान इलाके में सर्च के दौरान हाशिम मूसा का शव बरामद किया गया। सेना ने उसके साथ युद्ध संबंधी सामान मिलने की भी जानकारी दी है।
कौन था हाशिम मूसा?

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए आतंकी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में हुई है। वह पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था और जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों के मामलों में वांटेड था।
अधिकारियों के अनुसार, मूसा का नाम पीर पंजाल के दोनों तरफ हुए कई हमलों से जुड़े मामलों में सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी तलाश कर रही थीं।
5 सितंबर के ऑपरेशन में बच निकला था
हाशिम मूसा पहले भी सुरक्षा बलों के रडार पर था। 5 सितंबर 2026 को यूसमर्ग के ऊंचाई वाले जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।
उस कार्रवाई में मूसा का करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था, जबकि मूसा वहां से बच निकलने में कामयाब रहा था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी।
चार आतंकियों के ग्रुप से जुड़ा था नाम
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में मूसा का नाम लश्कर के एक ऐसे समूह से जुड़ा बताया गया था, जिसमें जुनैद रमजान, तल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह समूह लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था। दिसंबर 2024 में जुनैद रमजान के मारे जाने के बाद उसके मोबाइल फोन से इस समूह की तस्वीर मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को समूह के नेटवर्क और सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने में मदद मिली।
इसके बाद अप्रैल 2025 में तल्हा और सितंबर 2026 में यासिर के मारे जाने की जानकारी सामने आई। अब हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद इस समूह के बाकी सदस्यों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई और जांच का दायरा महत्वपूर्ण हो गया है।
पीर पंजाल क्षेत्र में लगातार ऑपरेशन
हाशिम मूसा और यासिर की तलाश को लेकर सुरक्षा बलों ने लंबे समय तक पीर पंजाल के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण दोनों आतंकी अलग-अलग जंगलों की ओर बढ़ते रहे थे।
यूसमर्ग का इलाका पीर पंजाल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और यहां घने जंगलों के कारण तलाशी अभियान चुनौतीपूर्ण रहता है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि आतंकी इन जंगलों का इस्तेमाल छिपने और आवाजाही के लिए कर सकते हैं।
ऑपरेशन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ
Hashim Moosa Killed होने के बाद भी सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। सेना का कहना है कि आसपास किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की संभावना को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा बल मुठभेड़ स्थल और आसपास के जंगलों की तलाशी लेकर हथियारों तथा अन्य सामान की भी जांच कर रहे हैं। ऑपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सुरक्षा एजेंसियों की आगे की कार्रवाई के बाद सामने आने की उम्मीद है।
बडगाम के यूसमर्ग इलाके में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब सुरक्षा बल पीर पंजाल और मध्य कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों से जुड़े इनपुट के आधार पर अभियान चला रहे हैं। फिलहाल Hashim Moosa Killed की पुष्टि सेना ने कर दी है और इलाके में तलाशी अभियान जारी है।