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Iran Israel War Impact on Oil: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Iran और Israel के बीच संघर्ष तेज हो गया है। इसमें United States की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति पर गहरा असर पड़ सकता है।
हाल में कच्चे तेल की कीमत 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है और पिछले एक महीने में इसमें 6 डॉलर की तेजी आई है। जानकारों का मानना है कि हालात बिगड़ने पर यह 110 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।
भारत सीधे ईरान से तेल आयात नहीं करता, लेकिन क्षेत्रीय अस्थिरता से सप्लाई टाइट हो सकती है। भारत का बड़ा हिस्सा तेल और एलएनजी इसी मार्ग से आता है, इसलिए आयात लागत और आर्थिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय रिफाइनरियां वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश में हैं। सऊदी अरब और यूएई से अतिरिक्त लोडिंग तथा अन्य देशों को ऑर्डर बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल खुदरा ईंधन कीमतों में बदलाव की संभावना कम है, लेकिन वैश्विक बाजार की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।