नई दिल्ली: के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन बारिश के बीच भी जारी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे, जबकि पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात रही। शाम को इंटरनेट बाधित होने और कथित पथराव के बाद तनाव बढ़ गया।

घेर रही है। आते-जाते किसी की नजर जंतर मंतर पर है, किसी का सवाल जंतर मंतर पर है। जनपथ चौराहे से जंतर मंतर की ओर जाती सड़क आज शुरुआत से आखिर तक भरी-भरी है। आते-जाते यंगस्टर्स, हाथों में क्रिएटिव पोस्टर्स, जुबां पर अजब-गजब नारे। साथ ही, इस भीड़ को पुकारते दोनों तरफ हर कदम पर कुछ लोग – समोसा खा लीजिए, चाय पी लीजिए…। आपको रोककर आपका खैरमकदम करते कुछ लोग, जिनके हाथ में पराठा, बिरयानी, कोल्ड ड्रिंक, पानी, टॉफी, चिप्स भी है।
जंतर मंतर के गेट पर अंदर आने के लिए लाइनें लंबी लगी रही
जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट के गेट के बाहर भीड़ तालियों के साथ, नारों की गूंज के साथ सरकार को चुनौती दे रही है। वहीं एक लंबी लाइन गेट के अंदर घुसने के लिए लगी है। बारिश के बाद उमस से लोग पसीने में हैं, मगर बैरिकेड्स पर बैठे, रास्ता दिखाते कई मुस्तैद वॉलिंटियर्स पसीने को पंखा देकर ठंडक दे रहे हैं। इनमें से एक वॉलिंटियर है निखिल। कहते हैं,
‘मैं आगरा से आज ही आया हूं, वैसे ग्रैजुएशन कर रहा हूं। नारे लगाने आते नहीं, भाषण देना आता नहीं, मगर पंखा करना तो आ ही जाता है तो हवा कर रहा हूं।’
प्रदर्शनकारी बोले- अब CJP के अगले कदम का इंतजार
अंदर घुसते ही अलग-अलग टुकड़ी में लोग नारे लग रहे हैं। मंच पर किसी नेता के बोल नहीं सुनाई दे रहे हैं। मुंह पर मास्क, हाथ में पोस्टर लिए श्रेयस चौधरी कहते हैं, ‘मैं आईआईयूनीवर्सिटी का स्टूडेंट हूं और सरकार से नाराज हूं।
अपने देश के युवाओं पर लाठियां क्यों हुआ?’ उनके सामने अपना पोस्टर दिखाते हरियाणा के स्टूडेंट निशांत कुमार कहते हैं, ‘मैं 20 जुलाई से यहां हूं। आगे क्या होगा, यह पता नहीं चल पा रहा है। यहां खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं, सोने के लिए भी कोना मिल जाता है मगर अब कॉकरोच जनता पार्टी क्या करेगी, मुझे इसका इंतजार है। हमारा कोई लीडर नहीं, कुछ सॉलिड हो नहीं पा रहा है, सरकार को परवाह ही नहीं। यह भी चुनौती है क्योंकि यह बहुत बड़ी भीड़ है।
बारिश के बीच जंतर मंतर पर गरजे प्रदर्शनकारी
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भी यहां प्रदर्शनकारियों की काफी भीड़ रही। सुबह से हल्की बारिश के बीच भी लोगों का आना लगा रहा। दोपहर 12 बजे तक लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई थी। दोपहर 2 बजे धरनास्थल प्रदर्शनकारियों से पूरी तरह से भर गया था। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेड और पेड़ पर चढ़कर नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि पुलिस लगातार अनुरोध कर रही थी कि वे पेड़ और बैरिकेड पर चढ़कर प्रदर्शन न करें। उन्हें चोट लग सकती है।
जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा सुरक्षा का जायजा लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें देखते ही प्रदर्शनकारी और शोर मचाने लगे। मधुर वर्मा ने बताया कि बुधवार को सुरक्षा के लिए सिर्फ जंतर मंतर पर करीब 500 से अधिक दिल्ली पुलिस के जवान तैनात थे।
इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात रहे। पूरे संसद मार्ग की बात करें तो करीब 1000 दिल्ली पुलिस और रैपिड फोर्स के जवान तैनात थे। संसद मार्ग की तरफ जाने वाली सड़क पर आंसू गैस छोड़ने वाली गाड़ी के अलावा बड़ी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात रहे।
‘हम गांधी के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं’
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 20 जुलाई को हुआ प्रदर्शन तो अभी ट्रैलर है। अगर सरकार उनकी बात नहीं मानेगी तो इससे भी बड़ा प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस वाले शांति की बात न करें।
जब पुलिस ने लाठियां चलाई थी, तब भी हम शांत थे। पत्थर और टूटी गाड़ियां पुलिस लेकर आई थी। हम महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं। बच्चों का आप खून बहा चुके हैं, क्या और खून बहाना चाहते हैं। लेकिन हम न डरने वाले हैं न ही हटने वाले हैं। जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएंगी, हम यही रहेंगे।
शाम को पथराव होने के आरोप
जंतर मंतर पर बुधवार देर शाम अचानक इंटरनेट सेवा बाधित होने के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव बढ़ गया। इंटरनेट बंद होने की जानकारी मिलते ही प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल लिया तथा प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया।