Mahadev Satta App Saurabh Chandrakar: महादेव सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजने की मंजूरी दे दी। अब 12 नवंबर तक केंद्रीय जांच एजेंसी उससे पूछताछ करेगी।
सौरभ चंद्राकर को दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेजों को लेकर आपत्ति जताई। वहीं, इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपनी कस्टडी के लिए आवेदन पेश किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे जांच की दिशा में अहम कदम बताया, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Mahadev Satta App Case: रायपुर कोर्ट में क्या हुआ?

सौरभ चंद्राकर को रायपुर कोर्ट में पेश किए जाने के बाद सीबीआई की ओर से रिमांड की मांग की गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सीबीआई ने गिरफ्तारी से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं और एजेंसी का रुख पहले के मामले से अलग दिखाई दे रहा है।
बचाव पक्ष ने प्रवर्तन निदेशालय के तहत दर्ज पीएमएलए मामले में गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। वकील ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखते हुए सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को अवैध बताया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सीबीआई की रिमांड अर्जी स्वीकार कर ली और आरोपी को 8 दिन की रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। अब जांच एजेंसी इस अवधि में उससे महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामले में पूछताछ करेगी।
12 नवंबर तक CBI करेगी पूछताछ, दिल्ली ले जाने की तैयारी

अदालत से 8 दिन की रिमांड मिलने के बाद सीबीआई सौरभ चंद्राकर से 12 नवंबर तक पूछताछ करेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुरक्षा कारणों से उसे दिल्ली ले जाने की तैयारी है। वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी की पूछताछ में महादेव सट्टा ऐप के संचालन, कथित नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, पूछताछ में किन सवालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और जांच में क्या सामने आएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय ने भी कोर्ट में कस्टडी के लिए आवेदन दिया है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया में सीबीआई और ईडी की भूमिका पर भी नजर रहेगी।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्या कहा?

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि सीबीआई इस मामले में लगातार प्रयास कर रही थी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पूछताछ के दौरान महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
वहीं, प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि सियासी संरक्षण में चलाए गए ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी।
सरकार की ओर से इस कार्रवाई को ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क के खिलाफ जांच में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। हालांकि, मामले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही है, इसका अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
Deepak Baij का आरोप: महादेव सट्टा ऐप का लिंक PMO से
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि महादेव सट्टा ऐप का मालिक शुभम सोनी है और सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल उसके अधीन काम करते थे। बैज ने कहा कि भाजपा ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस तरह की बातें कही थीं।
दीपक बैज ने अपने बयान में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि महादेव सट्टा ऐप का लिंक पीएमओ से जुड़ा है और इस मामले में पीएमओ के तीन लोगों के नाम सामने आए थे। ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
बैज ने सवाल उठाया कि क्या सीबीआई इस मामले में पीएमओ के अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। उन्होंने मांग की कि जांच में सभी संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष पड़ताल होनी चाहिए।
भाजपा पदाधिकारी और सट्टा ऐप के पैसों को लेकर भी उठाए सवाल
दीपक बैज ने अपने बयान में विकास गर्ग का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार विकास गर्ग भाजपा का पदाधिकारी था। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक से लेकर दिल्ली तक महादेव सट्टा ऐप का पैसा पहुंचता है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 72 एफआईआर दर्ज कराई गई थीं और 500 से अधिक छापे मारे गए थे। बैज ने मौजूदा भाजपा सरकार से सवाल किया कि उसके कार्यकाल में इस मामले में कितनी कार्रवाई हुई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि भाजपा के संरक्षण में महादेव ऐप के साथ-साथ दूसरे ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप भी संचालित हो रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सीबीआई सौरभ चंद्राकर के सामने प्रदीप मिश्रा, विकास गर्ग और कथित तौर पर जुड़े पीएमओ अधिकारियों को बैठाकर पूछताछ करेगी।
कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच एजेंसी की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में आगे क्या होगा?
सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की सीबीआई रिमांड के बाद अब जांच एजेंसी की पूछताछ पर सबकी नजर रहेगी। जांच के दौरान ऐप के कथित संचालन, आर्थिक लेनदेन, नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा सकती है।
इस मामले में सीबीआई की जांच के साथ ईडी की कस्टडी अर्जी भी महत्वपूर्ण है। दोनों एजेंसियां अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
रायपुर कोर्ट से मिली 8 दिन की रिमांड के दौरान सौरभ चंद्राकर से पूछताछ की जाएगी। एक ओर सरकार इसे बड़ी कार्रवाई बता रही है, वहीं कांग्रेस ने मामले में भाजपा और केंद्र सरकार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की मांग उठाई है। अब यह देखना अहम होगा कि सीबीआई की पूछताछ में क्या तथ्य सामने आते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।