Mohan Cabinet ke Faisle Today को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत और प्रशासनिक हलकों में दिनभर चर्चा रही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, परिवहन, सिंचाई, बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
15 सितंबर को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में सरकार ने ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। इसमें समग्र शिक्षा योजना, परिवहन विभाग की योजनाएं, उद्यानिकी और कई सिंचाई परियोजनाएं शामिल थीं।
25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

कैबिनेट से जुड़े प्रमुख फैसलों में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा भी शामिल है। सरकार के मुताबिक, यह सेवा 25 सितंबर 2026 से शुरू की जाएगी। राज्य में करीब 20 साल से बंद पड़ी सरकारी बस सेवा को नए स्वरूप में दोबारा शुरू करने की तैयारी है।
सरकार ने आने वाले वर्षों में इस परिवहन नेटवर्क को बड़े स्तर पर विस्तार देने की योजना बनाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आगामी 3 से 4 वर्षों में 15 हजार आधुनिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह सेवा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए संचालित किए जाने की योजना है।
350 से ज्यादा बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
25 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बसों को रवाना किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री भोपाल से बस सेवा का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
सरकार की योजना का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में यात्री परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
15 हजार बसों का बड़ा लक्ष्य
मध्यप्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की योजना बनाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 15 हजार बसों के संचालन और लगभग 5 लाख किलोमीटर के सड़क नेटवर्क को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
बस ऑपरेटरों के सहयोग से सेवा संचालित करने की योजना है, जबकि मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सरकार के पास रहने की बात कही गई है।
2 लाख रोजगार के अवसर का दावा
कैबिनेट से जुड़े ब्योरे में इंदौर से जबलपुर के बीच बड़े कॉरिडोर विकसित करने की योजना की भी जानकारी सामने आई है। सरकार की ओर से इन परियोजनाओं से करीब 2 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का दावा किया गया है।
इन कॉरिडोर के जरिए परिवहन और कनेक्टिविटी बेहतर करने के साथ निर्माण, लॉजिस्टिक्स और उससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने की बात कही गई है।
हर विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना

मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हर विधानसभा क्षेत्र में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना भी बताई गई है। इसके लिए करीब 960 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी सामने आई है।
जहां करीब 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाओं वाला कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना है। इसमें खेल प्रशिक्षण और कोचिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
2037 की जरूरतों के लिए बिजली उत्पादन पर जोर
राज्य में भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए 2,800 मेगावाट थर्मल पावर उत्पादन से जुड़ी योजना पर भी निर्णय की जानकारी सामने आई है।

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप उत्पादन क्षमता विकसित करना है। हालांकि, ऐसे ऊर्जा प्रोजेक्ट की लागत, स्थान और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग-अलग विभागीय स्वीकृतियों के बाद स्पष्ट होगी।
जल संसाधन परियोजनाओं को भी मंजूरी
कैबिनेट के फैसलों में जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं को भी महत्व दिया गया है। 15 सितंबर की बैठक में चितावद, गौंड और चंदेरी सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹2,600 करोड़ से अधिक की मंजूरी दी गई थी। इन परियोजनाओं से 1.27 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
इसके अलावा समग्र शिक्षा योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹36,006.22 करोड़ की स्वीकृति दी गई। परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए ₹1,166 करोड़ और उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए ₹491 करोड़ की मंजूरी भी दी गई।
सिंगरौली और रतलाम में एयरपोर्ट को लेकर प्रस्ताव
बैठक से जुड़े ब्योरे में सिंगरौली और रतलाम में एयरपोर्ट विकसित करने के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो दोनों क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल यह केंद्र स्तर पर आगे की प्रक्रिया और मंजूरी पर निर्भर करेगा।
स्थापना दिवस को कृषि केंद्रित रखने की तैयारी
सरकार ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर भी दिशा तय की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर का स्थापना दिवस कृषि पर केंद्रित रखने की योजना है।
इसके जरिए प्रदेश की कृषि, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की तैयारी की जा रही है।
42,490 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
मध्यप्रदेश कैबिनेट की 15 सितंबर की बैठक में कुल ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इसमें शिक्षा, परिवहन, उद्यानिकी, सिंचाई और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े कई फैसले शामिल हैं।
Mohan Cabinet ke Faisle Today से जुड़े इन फैसलों में खास तौर पर परिवहन व्यवस्था का विस्तार, 15 हजार बसों का लक्ष्य, सिंचाई परियोजनाएं, खेल सुविधाएं और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर जोर दिखाई देता है। योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत स्थिति संबंधित विभागों की आगामी अधिसूचनाओं और आदेशों के बाद स्पष्ट होगी।