Pacific Ocean Rescue: प्रशांत महासागर में लापता हुई एक नाव करीब तीन महीने तक समुद्र की लहरों के बीच भटकती रही। इस नाव पर सवार नौ लोगों का परिवार 30 जुलाई को एक द्वीप से दूसरे द्वीप की यात्रा पर निकला था, लेकिन तूफान में फंसने के बाद उनका कोई पता नहीं चल पाया। करीब 100 दिन बाद यह नाव अपने शुरुआती स्थान से लगभग 5,400 किलोमीटर दूर किरीबाती के फैनिंग आइलैंड के पास मिली। इस घटना में पांच लोग जिंदा बच गए, जबकि चार लोगों की मौत हो गई।

समुद्र में इतने लंबे समय तक भटकने के बाद जीवित मिले लोगों की हालत बेहद कमजोर थी। उन्हें डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की गंभीर कमी और कुपोषण की समस्या से जूझना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नाव को देखकर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और सभी जीवित लोगों को सुरक्षित द्वीप पर पहुंचाया। फिलहाल उनका इलाज और देखभाल की जा रही है।
30 जुलाई को नौ लोग नाव से निकले थे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना प्रशांत महासागर के ओशिनिया क्षेत्र की है। 30 जुलाई को नौ लोग एक छोटी नाव में सवार होकर मुरीलो द्वीप से रुओ आइलैंड की ओर रवाना हुए थे। दोनों द्वीपों के बीच की यात्रा करीब एक घंटे की बताई गई थी। लेकिन निर्धारित समय पर नाव वापस नहीं लौटी।
बताया गया कि समुद्र में अचानक खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण नाव तूफान की चपेट में आ गई। समुद्र की ऊंची लहरों ने नाव की दिशा बदल दी और वह अनजान रास्ते पर बहने लगी। नाव में बच्चों समेत कुल नौ लोग सवार थे। इसके बाद परिवार का संपर्क टूट गया और उनके लापता होने की सूचना सामने आई।
10 दिनों तक चला बड़े इलाके में सर्च ऑपरेशन
नाव और उसमें सवार लोगों के लापता होने की खबर मिलने के बाद अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने खोज अभियान शुरू किया। समुद्र में इतने बड़े क्षेत्र में तलाश करना आसान नहीं था। बचाव दल ने करीब 85,700 वर्ग किलोमीटर यानी लगभग 33,000 वर्ग मील के इलाके में खोजबीन की।
यह अभियान लगातार 10 दिनों तक चलाया गया। समुद्र के अलग-अलग हिस्सों में तलाश के बावजूद नाव या उसमें मौजूद लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। काफी कोशिशों के बाद भी जब कोई जानकारी सामने नहीं आई तो खोज अभियान रोक दिया गया।
इस दौरान लापता लोगों के परिवार और परिचितों की चिंता लगातार बढ़ती रही। समुद्र में इतने बड़े क्षेत्र में किसी छोटी नाव को तलाशना चुनौतीपूर्ण था। अभियान बंद होने के बाद उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद भी कमजोर पड़ने लगी थी।
करीब 5,400 किलोमीटर दूर पहुंच गई नाव

इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि नाव समुद्र की धाराओं और हवाओं के साथ बहते हुए अपने शुरुआती स्थान से हजारों किलोमीटर दूर पहुंच गई। करीब तीन महीने तक समुद्र में भटकने के बाद नाव किरीबाती के फैनिंग आइलैंड तक जा पहुंची।
फैनिंग आइलैंड प्रशांत महासागर में स्थित किरीबाती का एक द्वीप है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लापता नाव यहां तक पहुंचने के दौरान लगभग 5,400 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी थी। इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने के बावजूद पांच लोगों का जीवित मिलना इस घटना का सबसे राहत भरा पहलू रहा।
ग्रामीणों ने नाव देखकर शुरू किया बचाव अभियान
रविवार को फैनिंग आइलैंड के स्थानीय ग्रामीणों की नजर समुद्र में तैरती एक नाव पर पड़ी। नाव की स्थिति और उसमें मौजूद लोगों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए कदम उठाए। इसके बाद बचाव अभियान चलाकर नाव को किनारे लाया गया।
नाव में पांच लोग जीवित मिले, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, इस सफर में चार लोगों की जान चली गई। तीन महीने तक समुद्र में भटकने और पर्याप्त भोजन-पानी नहीं मिलने के कारण जीवित बचे लोगों की शारीरिक स्थिति भी बेहद खराब हो चुकी थी।
डिहाइड्रेशन और कुपोषण से बिगड़ी थी हालत
मीडिया रिपोर्ट्स में नर्सिंग ऑफिसर पॉकिन तोरोरो के हवाले से बताया गया कि जीवित बचे लोगों को जब द्वीप पर लाया गया, तब वे गंभीर डिहाइड्रेशन और कुपोषण से जूझ रहे थे। लंबे समय तक पर्याप्त साफ पानी और भोजन नहीं मिलने से उनके शरीर पर बुरा असर पड़ा था।
उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और सलाइन ड्रिप चढ़ाई गई। शुरुआती हालत नाजुक होने के बावजूद उपचार और देखभाल के बाद उनकी सेहत में सुधार के संकेत मिले हैं। द्वीप पर एक पादरी भी उनकी देखरेख कर रहे हैं।
समुद्र में भटकने की यह घटना बनी चर्चा का विषय
प्रशांत महासागर में हुई यह घटना समुद्री यात्रा के दौरान मौसम की अचानक बदलती परिस्थितियों और बचाव अभियानों की चुनौतियों को सामने लाती है। एक घंटे की बताई गई यात्रा पर निकली नाव का महीनों तक लापता रहना और हजारों किलोमीटर दूर मिलना बेहद असाधारण घटना है।
हालांकि पांच लोगों के जीवित मिलने से राहत मिली है, लेकिन चार लोगों की मौत ने इस परिवार की यात्रा को दर्दनाक हादसे में बदल दिया। तीन महीने तक समुद्र में जिंदगी के लिए संघर्ष करने वाले पांचों लोगों की आगे की देखभाल और स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है।
Pacific Ocean Rescue की यह घटना एक बार फिर बताती है कि समुद्र में खराब मौसम और तूफान छोटी नावों के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकते हैं।