Pawan Khera Attack Amit Shah: देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गृह मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सात साल में देश के तीन करोड़ घुसपैठियों को संभाला नहीं जा सका। पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अमित शाह से गृह मंत्रालय नहीं संभल रहा है तो उन्हें इस पद को छोड़ देना चाहिए और फिर से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए गृह मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने मणिपुर की स्थिति, अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों और देश में हुई सुरक्षा घटनाओं का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज होने की संभावना है।
पवन खेड़ा ने अमित शाह को लेकर क्या कहा?

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि अगर गृह मंत्रालय उनसे नहीं संभल रहा है तो वह उस पद पर क्यों बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सात साल में देश के तीन करोड़ घुसपैठियों को संभालने में सरकार नाकाम रही है।
पवन खेड़ा ने मणिपुर का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य तीन साल से नियंत्रण में नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता का आरोप है कि गृह मंत्री देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से संभालने में सफल नहीं रहे हैं।
उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अमित शाह को गृह मंत्रालय छोड़कर फिर से बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाना चाहिए। उनके इस बयान का मकसद गृह मंत्री की जिम्मेदारी और केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना था।
पुलवामा, पहलगाम और लाल किले की घटना का किया जिक्र
पवन खेड़ा ने अपने बयान में देश की सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने पुलवामा हमले, पहलगाम हमले और लाल किले के पास हुए धमाके का जिक्र करते हुए गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय राजधानी के नजदीक 300 किलोग्राम RDX मिलने का दावा भी किया। उन्होंने इन घटनाओं को आधार बनाकर कहा कि गृह मंत्री के रहते सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं।
खेड़ा ने अपने बयान में कहा कि यह जिम्मेदारी अमित शाह के बस की बात नहीं है और उन्हें गृह मंत्रालय छोड़ देना चाहिए। हालांकि, ये सभी टिप्पणियां कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप और बयान हैं। इनसे जुड़े मामलों की जांच और आधिकारिक तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
‘वापस बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएं’

पवन खेड़ा ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें फिर से बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की सलाह दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी जिक्र किया।
खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि नितिन नवीन को भी कुछ समझ नहीं आ रहा है, इसलिए उन्हें भी आजाद कर देना चाहिए। उनके मुताबिक, अमित शाह को गृह मंत्रालय छोड़कर पार्टी संगठन की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में अमित शाह के कथित ‘मोबाइल सर्कस’ का भी जिक्र किया और तंज कसते हुए कहा कि इसे हैदराबाद से करनाल और देश के अन्य राज्यों तक ले जाना चाहिए। उनका यह बयान बीजेपी के राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर निशाना साधने के रूप में देखा जा रहा है।
गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

पवन खेड़ा के इस बयान के जरिए कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार को आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है। विपक्ष लगातार मणिपुर की स्थिति और देश में सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगता रहा है।
इस बार कांग्रेस नेता ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे या मंत्रालय छोड़ने की मांग जैसा राजनीतिक संदेश दिया है। हालांकि, उनके बयान में घुसपैठियों की संख्या और अन्य सुरक्षा घटनाओं को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
बीजेपी की ओर से जवाब का इंतजार
अमित शाह पर पवन खेड़ा के इस हमले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो सकती है। कांग्रेस ने जहां गृह मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, वहीं इस बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद सियासी बहस और आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल पवन खेड़ा का यह बयान केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस के ताजा राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में बीजेपी इस पर क्या जवाब देती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।