Raipur Overbridge News: राजधानी रायपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान वाहन चालकों और आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है। कैनाल लिंकिंग रोड पर अमलीडीह चौक और द्रोणाचार्य स्कूल चौक के पास दो ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इन दोनों निर्माण कार्यों पर करीब 49.51 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। राज्य शासन ने परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस परियोजना से अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में इस मार्ग पर लगने वाले जाम से राहत मिल सकती है।
कैनाल लिंकिंग रोड पर दो जगह बनेंगे ओवरब्रिज

रायपुर के कैनाल लिंकिंग रोड पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। अमलीडीह चौक और द्रोणाचार्य स्कूल चौक के आसपास स्कूल और कार्यालय आने-जाने के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में कई बार लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या को देखते हुए दोनों चौक के पास ओवरब्रिज निर्माण की योजना बनाई गई है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 49.51 करोड़ रुपये बताई गई है। राज्य शासन से प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

हालांकि, निर्माण कार्य कब शुरू होगा और इसे पूरा करने की समयसीमा क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। निर्माण की तारीख और अन्य तकनीकी विवरण संबंधित विभाग की आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।
पार्षद विनय पंकज निर्मलकर ने जताया आभार

डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 के पार्षद विनय पंकज निर्मलकर ने ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति पर विधायक और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रखे गए प्रस्ताव को संज्ञान में लेते हुए अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
पार्षद के मुताबिक, इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। व्यस्त समय में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से स्थानीय निवासियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
किन इलाकों के लोगों को मिलेगा फायदा?
कैनाल लिंकिंग रोड पर प्रस्तावित दोनों ओवरब्रिज का लाभ आसपास के कई क्षेत्रों के लोगों को मिल सकता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- अमलीडीह
- न्यू राजेंद्र नगर
- कचना
- दलदली सिवनी
- आसपास की आवासीय कॉलोनियां और क्षेत्र
इन इलाकों से रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को अमलीडीह और द्रोणाचार्य स्कूल चौक के पास यातायात की समस्या का सामना करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने के बाद इन चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
स्कूल और ऑफिस टाइम में जाम से मिल सकती है राहत

अमलीडीह और द्रोणाचार्य स्कूल चौक के आसपास सुबह स्कूल खुलने और कार्यालय जाने के समय वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। इसी तरह शाम को छुट्टी के बाद भी इस मार्ग पर यातायात का दबाव रहता है।
ऐसे में ओवरब्रिज बनने से चौक पर वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा हो सकता है।
हालांकि, ट्रैफिक जाम से वास्तविक राहत निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन, सर्विस रोड, जंक्शन प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी निर्भर करेगी। इसलिए परियोजना के निर्माण के साथ आसपास की सड़कों और चौराहों की व्यवस्था को बेहतर बनाना भी जरूरी होगा।
₹49.51 करोड़ की परियोजना पर अब आगे क्या?
राज्य शासन की प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय मंजूरी के बाद अब संबंधित विभाग को निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इनमें तकनीकी औपचारिकताएं, निविदा प्रक्रिया और निर्माण एजेंसी का चयन जैसे चरण शामिल हो सकते हैं।
इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल परियोजना की लागत करीब 49.51 करोड़ रुपये बताई गई है। निर्माण शुरू होने की तारीख, कार्य पूरा करने की समयसीमा और ओवरब्रिज के विस्तृत डिजाइन की जानकारी सामने आने का इंतजार है।
रायपुर के यातायात के लिए अहम हो सकती है परियोजना
Raipur Overbridge News के तहत कैनाल लिंकिंग रोड पर अमलीडीह और द्रोणाचार्य स्कूल चौक के पास प्रस्तावित ओवरब्रिज को शहर की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन दोनों स्थानों पर निर्माण होने से आसपास के क्षेत्रों के हजारों वाहन चालकों को रोजाना आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि विभागीय प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और निर्माण कार्य कब शुरू किया जाता है। परियोजना समय पर पूरी होती है तो अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर, कचना और दलदली सिवनी समेत आसपास के इलाकों के लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकती है।