Rajnandgaon Illegal Liquor Network मामले में पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 200 पेटी में 9,600 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, जब्त शराब उत्तराखंड निर्मित रॉयल गोवा स्प्रिट है। इसकी कुल मात्रा करीब 1,728 बल्क लीटर बताई गई है। नई कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
दो और आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले में महेन्द्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी (27) निवासी मोहारा और रमाशंकर राजपूत उर्फ बाबा ठाकुर (55) निवासी वैशाली नगर, भिलाई को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर उनके संभावित ठिकानों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीमों ने संबंधित स्थानों पर दबिश दी, जहां से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई।
फार्महाउस से मिली 150 पेटी शराब

पुलिस के मुताबिक, रमाशंकर राजपूत की निशानदेही पर धमतरी जिले के कचना स्थित एक फार्महाउस में कार्रवाई की गई। यह स्थान चौकी बिरेझर क्षेत्र के अंतर्गत बताया गया है।
फार्महाउस से पुलिस ने 150 पेटी शराब बरामद की। इनमें कुल 7,200 बोतलें मिलीं।
इसी तरह महेन्द्र वर्मा की निशानदेही पर मोहारा क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां से 50 पेटी शराब जब्त हुई, जिसमें कुल 2,400 बोतलें थीं।
पुलिस के अनुसार प्रत्येक बोतल की क्षमता 180 एमएल है। इस तरह दोनों स्थानों से कुल 9,600 बोतल शराब जब्त की गई।
क्रेटा और ब्रेजा समेत मोबाइल फोन जब्त
शराब की बरामदगी के साथ पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल किए जाने के संदेह में दो वाहनों को भी जब्त किया है। इनमें क्रेटा और ब्रेजा कार शामिल हैं।
इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, शराब, वाहनों और अन्य जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 19.05 लाख रुपये है।
मोबाइल फोन और वाहनों से मिले डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खरीद, परिवहन और सप्लाई में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
नकली शराब के लेबल और पैकेजिंग से भी जुड़ा मामला

यह कार्रवाई ऐसे मामले में हुई है, जिसमें पुलिस पहले से नकली शराब के लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस को शराब की सप्लाई और भंडारण से संबंधित कई सुराग मिलने की बात कही गई है। अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं, ताकि शराब कहां से लाई गई और किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जानी थी, इसका पता लगाया जा सके।
सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन खंगाल रही है। जांच का फोकस शराब के स्रोत, परिवहन, भंडारण और अलग-अलग इलाकों में इसकी संभावित सप्लाई से जुड़े लोगों पर है।
पुलिस के अनुसार, जांच में रमाशंकर राजपूत द्वारा सहयोगियों के साथ शराब मंगवाने, उसे स्टोर करने और आगे सप्लाई करने से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। वहीं महेन्द्र वर्मा द्वारा मोहारा क्षेत्र में बिक्री के लिए शराब हासिल किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आने की बात कही गई है।
हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुलिस जांच जारी है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
14 आरोपी गिरफ्तार, आगे भी कार्रवाई जारी
Rajnandgaon Illegal Liquor Network मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
पुलिस जब्त मोबाइल फोन और वाहनों से मिले तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में एसडीओपी केशरी नंदन नायक, डीएसपी साइबर/क्राइम सत्य प्रकाश तिवारी की निगरानी में डोंगरगढ़ थाना, मोहारा पुलिस चौकी और साइबर टीम शामिल रही।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और शराब के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।