Sukhdev Bhagat Chhattisgarh Visit को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत 27 सितंबर को रायपुर पहुंचेंगे। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका छत्तीसगढ़ का पहला दौरा होगा। अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान भगत प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, विधायकों और अलग-अलग मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
सुखदेव भगत को सितंबर 2026 में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी नियुक्त किया था। इस संगठनात्मक बदलाव के तहत पहले प्रदेश प्रभारी रहे सचिन पायलट को पंजाब और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है।
दीपक बैज समेत वरिष्ठ नेताओं से होगी बैठक
Sukhdev Bhagat Chhattisgarh Visit के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में प्रदेश संगठन की मौजूदा स्थिति, पार्टी की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया जा सकता है।
भगत प्रदेश पदाधिकारियों और विधायकों के साथ भी संवाद करेंगे। संगठन के अलग-अलग स्तरों की स्थिति को समझने के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं से मिलने और उनसे फीडबैक लेने पर भी जोर रहने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, तीन दिन के दौरे में संगठन की गतिविधियों और आने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन पर भी फोकस

सुखदेव भगत के दौरे में प्रदेश स्तर के साथ-साथ जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रह सकते हैं। पार्टी के स्थानीय ढांचे की सक्रियता, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर जानकारी जुटाई जा सकती है।
कांग्रेस के नए प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भगत को राज्य संगठन की वास्तविक स्थिति समझने के लिए अलग-अलग स्तर के नेताओं से सीधे संवाद का मौका मिलेगा।
जोगी कांग्रेस के संभावित विलय पर भी नजर
इस दौरे के दौरान जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) यानी JCCJ के कांग्रेस में संभावित विलय का मुद्दा भी चर्चा में आ सकता है। रेणु जोगी और अमित जोगी की ओर से पहले कांग्रेस में वापसी और पार्टी के विलय को लेकर प्रस्ताव सामने आया था। दिसंबर 2024 में रेणु जोगी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर JCCJ के कांग्रेस में विलय की इच्छा जताई थी।
हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रस्ताव और संबंधित नेताओं की वापसी को लेकर कांग्रेस के भीतर अभी विचार-विमर्श जारी है। सितंबर में हुई अनुशासन समिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है और फिलहाल अंतिम निर्णय लंबित बताया गया है।
ऐसे में 27 सितंबर से शुरू होने वाले सुखदेव भगत के संगठनात्मक दौरे के दौरान इस मुद्दे पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने पर नजर रहेगी। हालांकि, अभी इसे लेकर किसी अंतिम फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संगठन को लेकर सुखदेव भगत की प्राथमिकता

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद सुखदेव भगत ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की प्राथमिकता की बात कही है।
उनका पहला प्रदेश दौरा इसी संगठनात्मक दृष्टिकोण के तहत देखा जा रहा है। बैठक के दौरान पार्टी के पदाधिकारियों से संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और आगामी कार्यक्रमों को लेकर फीडबैक लिया जा सकता है।
2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी रहेगी अहम

छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस के नए प्रभारी का शुरुआती दौरा संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुखदेव भगत ने नई जिम्मेदारी मिलने के बाद 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने की बात कही थी।
फिलहाल Sukhdev Bhagat Chhattisgarh Visit के दौरान होने वाली बैठकों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। दीपक बैज समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ संवाद, जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन का फीडबैक तथा JCCJ के संभावित विलय जैसे मुद्दे इस दौरे को चर्चा में बनाए हुए हैं। हालांकि, इन बैठकों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश संगठन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व कौन से अगले कदम उठाता है।