Surajpur River Accident: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेण नदी में डूबने की दर्दनाक घटना ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बिश्रामपुर क्षेत्र के ढोघट घाट पर शनिवार सुबह नदी में स्नान करने गए चार लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में एक पिता-पुत्र और दो सगे भाई शामिल हैं। एक ही हादसे में चार लोगों की जान जाने से इलाके में शोक का माहौल है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेण नदी में डूबने से चार लोगों की मौत ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
बिश्रामपुर क्षेत्र के ढोघट घाट पर शनिवार सुबह स्नान करने गए पिता-पुत्र और दो सगे भाइयों की गहरे पानी में डूबने से जान चली गई। एक ही हादसे में चार जिंदगियां खत्म होने से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। रविवार को मृतकों के परिजन बिहार के कटिहार से सूरजपुर पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जब उन्होंने अपनों के शव देखे, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
घटना के बाद मृतकों के परिजन बिहार के कटिहार से सूरजपुर पहुंचे। रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जब उन्होंने अपने प्रियजनों के शव देखे, तो परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों शव परिजनों को सौंप दिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है।

ढोघट घाट पर कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, हादसा शनिवार सुबह सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में सरस्वतीपुर के कोन्हाखार के पास स्थित रेण नदी के ढोघट घाट पर हुआ। विवेक कुमार सिंह अपने बेटे और रिश्तेदार के दो बच्चों के साथ नदी में स्नान करने पहुंचे थे।
बताया गया कि चारों नदी में नहाने के लिए उतरे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। पानी की गहराई अधिक होने के कारण चारों की जान नहीं बचाई जा सकी।
इस हादसे में एक ही परिवार के पिता-पुत्र और दूसरे परिवार के दो सगे भाइयों की मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजनों और परिचितों में शोक की लहर फैल गई।
मृतकों की पहचान: पिता-पुत्र और दो सगे भाई शामिल

इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विवेक कुमार सिंह (45), अभिजीत सिंह (20), गोपाल कृष्ण (13) और कृष्ण गोपाल (14) के रूप में हुई है।
विवेक कुमार सिंह अपने बेटे अभिजीत सिंह के साथ नदी में स्नान करने गए थे। वहीं, गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल सगे भाई थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चों के पिता जितेंद्र सिंह सेना के पूर्व जवान बताए गए हैं।
एक ही घटना में चार लोगों की मौत ने दोनों परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। मृतकों में कम उम्र के दो बच्चों का शामिल होना इस हादसे को और भी दर्दनाक बना देता है।
कटिहार से सूरजपुर पहुंचे परिजन, शव देखकर बिलख पड़े

हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजन बिहार के कटिहार से सूरजपुर पहुंचे। रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चारों के शव देखकर परिवार के सदस्य अपने आंसू नहीं रोक सके।
अस्पताल परिसर में गमगीन माहौल रहा। अपनों को खोने के सदमे में परिजन लगातार रोते रहे। एक साथ चार लोगों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया दुख
सूरजपुर में हुई इस दर्दनाक घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी शोक व्यक्त किया है। नदी में डूबने से चार लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद घटना को लेकर क्षेत्र में दुख का माहौल बना हुआ है।
एक ही हादसे में दो परिवारों के चार सदस्यों की मौत ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया है।
नदी में नहाते समय सावधानी बरतना जरूरी
Surajpur River Accident की यह घटना नदी में स्नान करते समय सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने लाती है। नदियों में कई जगह पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है। ऊपर से सामान्य दिखने वाले स्थानों पर भी गहरे गड्ढे या तेज बहाव का खतरा हो सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि नदी में उतरने से पहले पानी की गहराई और बहाव का आकलन करना चाहिए। बच्चों को पानी के पास अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और अनजान घाटों पर गहरे पानी में जाने से बचना चाहिए।
एक हादसे ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाला
सूरजपुर के ढोघट घाट पर हुई इस घटना में चार लोगों की मौत से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पिता-पुत्र और दो सगे भाइयों की एक साथ मौत ने परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है।
कटिहार से पहुंचे परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपने प्रियजनों के शव देखे, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
Surajpur River Accident में चार लोगों की जान जाने से पूरे क्षेत्र में शोक है। यह हादसा नदी में स्नान करते समय सतर्कता बरतने और पानी की गहराई को लेकर सावधान रहने की अहमियत को भी रेखांकित करता है।