Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट में 6 घंटे चली सुनवाई

Spread the love

Twisha Sharma Case: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। सोमवार को अदालत में जमानत याचिका पर अंतिम बहस हुई। इस दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने सीबीआई की चार्जशीट में दर्ज बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा। इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से भी दलीलें पेश की गईं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गिरिबाला सिंह की जमानत पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। अब इस मामले में जमानत को लेकर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।

करीब 6 घंटे तक चली सुनवाई

ट्विशा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सोमवार को न्यायमूर्ति अजय निरंकारी की अदालत में करीब छह घंटे तक सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सीबीआई के वकीलों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए।

पहले गिरिबाला सिंह की ओर से पेश वकीलों ने सीबीआई की चार्जशीट में शामिल तथ्यों और आरोपों पर जवाब दिया। इसके बाद सीबीआई ने अपना पक्ष रखते हुए मामले से जुड़े आरोपों और जांच के आधार पर दलीलें दीं।

लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की बात सुनकर जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, फैसला कब सुनाया जाएगा, इसकी जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

सीबीआई ने सास और पति पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट में 6 घंटे चली सुनवाई

सीबीआई की जांच के अनुसार, ट्विशा शर्मा को दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी ने इस मामले में उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की भूमिका को लेकर आरोप लगाए हैं।

सीबीआई की चार्जशीट में दर्ज आरोपों को लेकर ही जमानत की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अपना जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद जांच एजेंसी ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं।

यह मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इसलिए सीबीआई की ओर से लगाए गए आरोपों को अदालत में अंतिम रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। मामले में आरोपों और बचाव पक्ष के तर्कों पर विचार करने के बाद ही अदालत जमानत याचिका पर निर्णय लेगी।

12 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी ट्विशा की मौत

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह वकील बताए गए हैं और उनकी मां गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं।

शादी के कुछ महीने बाद ही 12 मई 2026 की रात ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया गया कि गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह उन्हें भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ट्विशा की मौत के बाद मामला चर्चा में आ गया। इसके बाद उनके मायके और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए। मामले में प्रताड़ना और सबूत नष्ट करने जैसे आरोप भी लगाए गए, जिनकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई।

सबूत नष्ट करने और जांच प्रभावित करने के भी लगे आरोप

ट्विशा की मौत के बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर कथित तौर पर सबूत नष्ट करने तथा मामले को प्रभावित करने की कोशिश करने के आरोप भी सामने आए थे। रिपोर्टों के अनुसार, न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए।

हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता और उनमें संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।

मामले में ट्विशा के परिवार और उनके ससुराल पक्ष के बीच विवाद बढ़ने के कारण शव को कई दिनों तक भोपाल एम्स की मोर्चरी में रखे जाने की बात भी सामने आई थी। इस घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सीबीआई को मिली जांच

मामले में जांच को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की जानकारी सामने आई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी।

सीबीआई ने मामले की जांच के बाद आरोपों से संबंधित चार्जशीट दाखिल की। अब गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चार्जशीट में दर्ज तथ्यों और बचाव पक्ष के जवाबों पर बहस हुई।

अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार

Twisha Sharma Case में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अंतिम बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। करीब छह घंटे तक चली सुनवाई में बचाव पक्ष और सीबीआई दोनों ने अपनी दलीलें पेश कीं।

अब अदालत के निर्णय से स्पष्ट होगा कि गिरिबाला सिंह को इस मामले में जमानत मिलेगी या याचिका खारिज होगी। फिलहाल अदालत का अंतिम आदेश सामने आने तक जमानत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मामले में ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े आरोप, सीबीआई की जांच और संबंधित पक्षों की दलीलें न्यायिक विचाराधीन हैं। आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के आदेश से मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.