वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह एक्शन Udanti Sitanadi Tiger Reserve के सीतानदी कोर रेंज के घुरवाड़ क्षेत्र में किया गया, जहां आरोपी वन भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे थे।
वन विभाग के मुताबिक, यह लोग जंगल के भीतर अतिक्रमण कर पेड़ों की कटाई कर रहे थे और जमीन को खेती योग्य बनाने की कोशिश में जुटे थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
जंगल और वन्यजीवों को हो रहा था नुकसान
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अवैध कब्जे केवल जमीन तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। Udanti Sitanadi Tiger Reserve जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अतिक्रमण से जैव विविधता पर खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों की कटाई और भूमि पर कब्जे के कारण वन्यजीवों का रहवास तेजी से खत्म हो रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने का खतरा रहता है।
महासमुंद में भी हुई बड़ी कार्रवाई
Forest Encroachment Gariaband से पहले महासमुंद जिले में भी वन विभाग ने सख्त कदम उठाए थे। वहां 94 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया और 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
वन विभाग के अनुसार, तमोरा बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में भी पेड़ों की कटाई कर जमीन को खेती के लिए तैयार किया जा रहा था, जिसे अभियान चलाकर मुक्त कराया गया।
प्रदेशभर में चल रहा अभियान
अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई केवल गरियाबंद तक सीमित नहीं है। इससे पहले धमतरी जिले में भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था।
धमतरी के दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र में वनखंड क्रमांक 169, पालगांव गोंदलानाल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें कई हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया गया।
प्रशासन सख्त, लगातार निगरानी
Forest Encroachment Gariaband को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टीमों को नियमित निगरानी और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आगे और तेज होगी कार्रवाई
वन विभाग के संकेत साफ हैं कि आने वाले समय में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
Forest Encroachment Gariaband ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कड़े फैसले लेना कितना जरूरी है।