छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया के जरिए प्रचारित किए जा रहे एक ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ (Stranger Meetup) कार्यक्रम को लेकर रविवार को भारी हंगामा खड़ा हो गया। लुधियाना मूल की संस्था ‘युनीगैदर’ द्वारा आयोजित इस इवेंट को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा।
लोकेशन बदलकर चल रहा था खेल
जानकारी के अनुसार, आयोजकों ने विरोध की आशंका के चलते कार्यक्रम स्थल को गुप्त रखने की कोशिश की थी। शुरुआत में यह आयोजन कटोरा तालाब स्थित ‘नुक्कड़ कैफे’ में होना तय हुआ था, लेकिन अंतिम समय में इसे बदलकर तेलीबांधा के ‘पॉकेट कैफे’ में शिफ्ट कर दिया गया। जैसे ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी, वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बजरंग दल का आरोप: “लव जिहाद को बढ़ावा”
बजरंग दल के नेता विजेंद्र वर्मा ने इस आयोजन पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज की मर्यादा के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ अनजान युवक-युवतियों की दोस्ती कराई जाती है, जिससे ‘लव जिहाद’ और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को बढ़ावा मिलता है। कार्यकर्ताओं ने इसे पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण बताते हुए आयोजन स्थल के बाहर जमकर नारेबाजी की।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंध
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए रायपुर एडीसीपी तारकेश्वर पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुँची। सुरक्षा कारणों और स्थानीय विरोध को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कैफे को बंद करवा दिया और इवेंट को पूरी तरह रद्द कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि वर्तमान में किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, इसलिए अब तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है, लेकिन शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
ठगी और न्यूड पार्टी का पुराना साया
रायपुर में इस तरह के इवेंट्स को लेकर पुलिस और स्थानीय संगठन इसलिए भी सतर्क हैं क्योंकि हाल ही में शहर में ‘न्यूड पार्टी’ के नाम पर सोशल मीडिया पर भारी प्रचार किया गया था। बाद में जांच में यह एक बड़ा ठगी नेटवर्क निकला था। इसी को देखते हुए प्रशासन अब सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ‘स्ट्रेंजर मीटिंग्स’ पर पैनी नजर रख रहा है।
पैसे लेकर अजनबियों से मिलन
संस्था के संचालक वंश मिगलानी द्वारा शुरू किए गए इस इवेंट में शामिल होने के लिए युवाओं से एंट्री फीस के नाम पर पैसे भी लिए गए थे। आयोजकों का दावा था कि यह केवल एक नेटवर्किंग इवेंट है, जबकि विरोध करने वालों ने इसे संस्कृति के खिलाफ बताया।