राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को हाल ही में बड़ा झटका लगा है। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
शुक्रवार को जब उन्होंने पार्टी बदलने का ऐलान किया, उस समय उनके इंस्टाग्राम पर करीब 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे। लेकिन रविवार तक यह संख्या घटकर 12.4 मिलियन रह गई, यानी करीब 20 लाख फॉलोअर्स कम हो गए।
सोशल मीडिया पर शुरू हुआ ‘Unfollow’ ट्रेंड
Raghav Chadha के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर “unfollowRaghavChadha” ट्रेंड तेजी से वायरल हो गया। बड़ी संख्या में यूजर्स ने उन्हें अनफॉलो करना शुरू कर दिया और कई लोगों ने खुले तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कुछ यूजर्स का यह भी दावा है कि चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से प्रधानमंत्री Narendra Modi और BJP की आलोचना करने वाली पुरानी पोस्ट्स डिलीट कर दी हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

AAP से BJP तक का सफर
Raghav Chadha को कभी Arvind Kejriwal का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता था। AAP में उनकी छवि एक युवा और प्रभावशाली नेता की थी, जो खासकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे।
लेकिन पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने के फैसले ने उनके सपोर्ट बेस को झटका दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बदलाव का सीधा असर उनके फॉलोअर्स और इमेज पर पड़ा है।
युवाओं के बीच क्यों थे लोकप्रिय?
Raghav Chadha ने अपनी राजनीति में कई ऐसे मुद्दे उठाए, जो सीधे आम लोगों और खासकर युवाओं से जुड़े थे। उन्होंने पितृत्व अवकाश, ट्रैफिक समस्या, डेटा लिमिट, महंगे एयरपोर्ट फूड और गिग वर्कर्स के शोषण जैसे मुद्दों को संसद में उठाया।
इतना ही नहीं, उन्होंने खुद एक दिन के लिए डिलीवरी पार्टनर बनकर गिग वर्कर्स की समस्याओं को समझने की कोशिश भी की। उनकी इस शैली ने उन्हें “रिलेटेबल” नेता के रूप में स्थापित किया।
सोशल मीडिया पर छवि को लेकर सवाल
हाल ही में Raghav Chadha ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि AAP के टॉप नेताओं के संयुक्त फॉलोअर्स भी उनके बराबर नहीं हैं।
इस पोस्ट के बाद भी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। साथ ही, यह भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे अपनी अलग “Gen Z पार्टी” बना सकते हैं, हालांकि उन्होंने अंततः BJP का दामन थाम लिया।
Trolling और प्रतिक्रियाएं
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कई जानी-मानी हस्तियों ने भी प्रतिक्रिया दी। पर्वतारोही रोहताश खिलेरी जैसे लोगों ने भी उन्हें अनफॉलो किया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि युवाओं में उनके फैसले को लेकर असंतोष साफ नजर आ रहा है।
AAP नेता Saurabh Bharadwaj ने भी दावा किया कि चड्ढा के अकाउंट पर अब प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ी केवल दो पोस्ट बची हैं और दोनों ही उनकी तारीफ में हैं।
क्या वापसी कर पाएंगे चड्ढा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या Raghav Chadha अपनी खोई हुई लोकप्रियता को फिर से हासिल कर पाएंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी छवि एक डेटा-ड्रिवन और प्रभावशाली वक्ता की रही है, लेकिन राजनीतिक फैसलों का असर सीधे जनता की धारणा पर पड़ता है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे युवाओं के बीच अपना विश्वास दोबारा कायम कर पाते हैं या नहीं।