रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले कुछ दिनों में हुई अच्छी बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं कई जिलों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के लिए नया मौसम अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की सक्रियता के चलते रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरिया, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव और कांकेर सहित कई जिलों में बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से जिन इलाकों में पहले से जलभराव या नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजधानी रायपुर की बात करें तो शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तेज हवा चलने और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार मानसून की शुरुआत कमजोर रही थी। 30 जून तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 64 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में हुई लगातार बारिश के बाद स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है। अब बारिश की कमी घटकर केवल 17 प्रतिशत रह गई है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिहाज से राहत भरी खबर मानी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मानसून सीजन में अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 239 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक सामान्य रूप से 286 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी अभी भी सामान्य से कुछ कम बारिश हुई है, लेकिन यदि अगले तीन दिनों तक अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो यह अंतर और कम हो सकता है।
लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिल रहा है। धान की बुवाई में तेजी आई है और खेतों में पर्याप्त नमी बनने लगी है। वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश के कारण कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने, पुल-पुलियों पर पानी भरने और आवागमन बाधित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी किए जा रहे ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें। अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे कई जिलों में मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी होगा।