रायपुर समेत 14 जिलों में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से लगभग 199% अधिक बारिश दर्ज! कई जिलों में गरज-चमक, तेज बारिश और नदी-नालों के उफान पर रहने की संभावना।
रायपुर। CG Me Barish ka Alert: छत्तीसगढ़ में अब मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही अच्छी बारिश ने लोगों और किसानों को बड़ी राहत दी है। लेकिन कई जिलों में बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, कई नदी नालें उफान पर हैं। इस बीच मौसम विभाग ने बड़ी चेतावनी जारी की है। IMD ने अगले तीन दिनों तक प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
CG Me Barish ka Alert मौसम विभाग के मुताबिक, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरिया, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव और कांकेर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की भी संभावना है। वहीं, अगर बात की जाए राजधानी रायपुर की तो आज शुक्रवार को बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक औसत रूप से कुल 256.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा (287.4 मि.मी.) का 89.1 प्रतिशत है। आज (10 जुलाई) राज्य में औसतन 7.0 मि.मी. बारिश रिकॉर्ड की गई है। राज्य के अलग-अलग जिलों में मानसून का मिजाज काफी असमान बना हुआ है। जहां कुछ जिलों में उम्मीद से दोगुनी बारिश हो चुकी है, वहीं कुछ जिलों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है।

’सारंगढ़-बिलाईगढ़ में रंग हरा: सामान्य से 198.9 प्रतिशत अधिक बरसे बदरा’
CG Me Barish ka Alert आंकड़ों के मुताबिक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला बारिश के मामले में प्रदेश में सबसे आगे चल रहा है। यहाँ अब तक 465.3 मि.मी. बारिश हो चुकी है, जो इसकी औसत वर्षा (233.9 मि.मी.) का 198.9ः है। इसके अलावा बलरामपुर (132.2प्रतिशत), सक्ती (123.1प्रतिशत), दंतेवाड़ा (119.9प्रतिशत), और रायपुर (118.3प्रतिशत) में भी सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे इन क्षेत्रों के जलाशयों और खेतों में भरपूर पानी दिखाई दे रहा है।