छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग, अबूझमाड़ : कभी नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहने वाला अबूझमाड़ अब विकास कार्यों के जरिए नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। क्षेत्र में सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में कांकेर और नारायणपुर जिले को जोड़ने वाली करीब 70 किलोमीटर लंबी स्टेट हाईवे परियोजना पर काम जारी है। लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और पुलियों के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण में अच्छी गुणवत्ता वाली गिट्टी के बजाय बड़े जंगली बोल्डरों और निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। पहली ही बारिश के बाद कई पुलियों से बोल्डर बाहर दिखाई देने लगे हैं, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में यह सड़क लोगों के लिए जोखिम बन सकती है।
निर्माण कार्य की निगरानी पर भी सवाल
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण नहीं होने के कारण ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ पुलियों को निरस्त किए जाने की बात जरूर कही गई थी, लेकिन अब तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उनका मानना है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी जरूरी है।

जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका उद्देश्य सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना और क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।
ठेकेदार को जारी किया गया नोटिस
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) संजय जी चौहान ने बताया कि निर्माण कार्य में सामने आई शिकायतों के बाद ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित हिस्से का माप (मेजरमेंट) फिलहाल नहीं लिया जाएगा। साथ ही ठेकेदार को खराब गिट्टी हटाकर निर्धारित गुणवत्ता की नई सामग्री से दोबारा निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं।