रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां दिन काफी अहम रहने वाला है। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी, जहां सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोरदार बहस होने की संभावना है। सबसे ज्यादा नजर विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा पर रहेगी।
CG assembly Monsoon Session 2026: आज गरमाएगा छत्तीसगढ़ विधानसभा का सदन! अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चा, ये मंत्री देंगे सवालों का जवाब

आज के कार्यसूची के अनुसार महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और मंत्री दयालदास बघेल अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी स्थानीय निकायों की CAG रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे। इसके अलावा विधायक गोमती साय, धर्मजीत सिंह और भईयालाल राजवाड़े विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करेंगे।
हालांकि आज की कार्यवाही का सबसे बड़ा आकर्षण विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा रहेगी। माना जा रहा है कि इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। विपक्ष सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों, रोजगार, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने कामकाज और उपलब्धियों के आधार पर जवाब देगी।
चौथे दिन इन मुद्दों पर हुआ हंगामा
मानसून सत्र के चौथे दिन भी सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान बलौदाबाजार और बम्हनीडीह में मछुआ समाज के लिए आरक्षित समूह पट्टे दूसरे समाज के लोगों को दिए जाने का मामला जोर-शोर से उठा।
कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर गैर मछुआ समाज के लोगों को पट्टे दिए गए हैं, जिससे स्थानीय मछुआ समुदाय में नाराजगी है। इस पर संबंधित मंत्री ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया।
इसके अलावा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान बस्तर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कथित अनियमितताओं का मामला भी सदन में गूंजा। कांग्रेस विधायक विक्रम मांडवी ने आरोप लगाया कि योजना के तहत करीब 1400 खातों से राशि निकाले जाने में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सरकार की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
अब सभी की निगाहें आज की कार्यवाही पर टिकी हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं, जिससे विधानसभा का पांचवां दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।