Paper Leak Law in India: पेपर लीक पर 10 साल की जेल और 10 करोड़ जुर्माना, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

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नई दिल्ली: Paper Leak Law in India परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, पेपर लीक संशोधन विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी दी गई है। अब इस बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

Paper Leak Law in India पेपर लीक संशोधन विधेयक में पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं। (Paper Leak Law) इस विधेयक के तहत दोषी पाए जाने वालों के लिए 10 साल तक की सजा 10 करोड़ का जुर्माना का प्रावधान होगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और नकल व पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार ने इस विधयेक को मंजूरी दी है।

सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव को हटाया

आपको बता दें कि इससे पहले मोदी सरकार ने देर रात ये नोटिस जारी करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी (Vineet Joshi) को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया है और उनकी जगह पर नरेश पाल गंगवार (Naresh Pal Gangwar) को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। जो इससे पहले पशुपालन और डेयरी विभाग की जिम्मेदारी संभालते थे।

पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

पीएम मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामले में बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया है।

PM Modi Tweet On Paper Leak पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों की सीरीज जारी है.जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’

संबंधित अधिकारियों और विभागों को दिए निर्देश

पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस बारे में जरूरी निर्देश दे दिए हैं। उनसे कहा गया है कि वे इस फैसले को लागू करने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई करें। प्रधानमंत्री ने इसे छात्रों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की एक कड़ी बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की लगातार चल रही कोशिशों का ही हिस्सा है।

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