Raipur News: कंगना रनौत की कथित टिप्पणी पर रायपुर में शिकायत, FIR की मांग; मानवाधिकार संगठन ने सिविल लाइन थाने में सौंपा ज्ञापन

Spread the love

रायपुर। बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं और Gen-Z युवाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी अब विवादों में घिर गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मानवाधिकार न्याय सुरक्षा संगठन ने इस मामले को लेकर सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

संगठन की प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश सचिव, महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ पूनम पांडेय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं और युवाओं के लिए कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है और समाज में गलत संदेश देता है।

क्या है पूरा मामला?

संगठन का आरोप है कि सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर दिए गए अपने कथित बयान में Gen-Z पीढ़ी की परवरिश पर सवाल उठाते हुए उन्हें “गट्ठर छाप परवरिश” जैसी टिप्पणी से संबोधित किया। संगठन का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी देश के युवाओं, छात्र-छात्राओं और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है तथा सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

FIR दर्ज करने की मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

संगठन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है। यदि किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयान से किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

पूनम पांडेय ने क्या कहा?

मानवाधिकार न्याय सुरक्षा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पूनम पांडेय ने कहा,

“हमने सिविल लाइन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सांसद कंगना रनौत द्वारा छात्र-छात्राओं और देश के युवाओं के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो भारतीय न्याय संहिता एवं अन्य लागू कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि यहां न्याय नहीं मिला तो हमारे लिए न्यायालय का दरवाजा खुला है और हम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।”

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.