सतना। मध्यप्रदेश में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर किसान कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सतना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी और विधानसभा का घेराव भी करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाई गईं प्रमुख मांगे
कृषि ट्रेड डील रद्द हो: भारत-अमेरिका कृषि ट्रेड डील समझौते को किसानों के अहित में बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।एमएसपी सुरक्षा कानून: तय समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर कृषि उपज की खरीद और बिक्री को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए। शत-प्रतिशत मूंग खरीदी व बिजली आपूर्ति: प्रदेश सरकार किसानों से मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करे और खेती के लिए 24 घंटे थ्री-फेस बिजली उपलब्ध कराए।मंडी व सहकारिता चुनाव: पिछले 13 वर्षों से लंबित कृषि उपज मंडी और सहकारिता के चुनाव तत्काल कराए जाएं।
धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2023-24 के चुनाव के समय किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल धान और ₹2700 प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन चुनाव जीतते ही अपने वादे से मुकर गई। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “किसान आज महंगे डीजल, महंगी खाद, भारी-भरकम बिजली बिलों और कर्ज से जूझ रहा है। मंडियों में किसानों की लूट हो रही है और सरकार केवल ‘किसान कल्याण वर्ष’ का ढोंग कर रही है। भाजपा की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है।”
उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। यदि समय रहते मध्य प्रदेश के किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण नहीं हुआ, तो किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश के किसानों को एकजुट कर उग्र प्रदर्शन करेगी और भोपाल में विधानसभा का घेराव करेगी।
