दतिया। विधानसभा सीट के उपचुनाव 2026 में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट परिवर्तन के बाद स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नाराजगी खुलकर सामने आई। वहीं, चुनाव प्रचार के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक सभा में भावुक भी हो गए थे। कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद भीतरघात को भाजपा की हार का कारण माना जा रहा है।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6 हजार से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम भाजपा के लिए उसके सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ में लगा बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके साथ ही भाजपा की चुनावी रणनीति, स्थानीय संगठन और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक पकड़ पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस उपचुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक फैसला भाजपा का प्रत्याशी बदलना माना जा रहा है। पार्टी ने कई बार दतिया से जीत दर्ज करने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। टिकट बदलने के फैसले को स्थानीय स्तर पर लेकर कई तरह की चर्चाएं रहीं। चुनाव प्रचार के दौरान भी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और भीतरघात की अटकलें लगातार राजनीतिक गलियारों में सुनाई देती रहीं। अब भाजपा के दतिया के कार्यकर्ताओं की नाराजगी को हार की बड़ी वजह माना जा रहा हैं।
शहरों में वोट प्रतिशत कम रहा
भाजपा का वोटर शहरों में ज्यादा होता है। दतिया चुनाव में ग्रामीण इलाको से कम वोटिंग शहरों में हुई। ग्रामीण इलाकों के कई मतदान केंद्रों पर 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान दर्ज हुआ। सबसे अधिक बूथ क्रमांक 62 पर 92.19 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके उलट दतिया शहर के कई केंद्रों पर मतदान 55 प्रतिशत से भी कम रहा। बूथ क्रमांक 110 पर केवल 43.20 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पूरे विधानसभा क्षेत्र का सबसे कम मतदान प्रतिशत रहा। हालांकि, तीसरे राउंड से ही कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बढ़त बनाना शुरू कर दी थी।
शहरों में वोट प्रतिशत कम रहा
भाजपा का वोटर शहरों में ज्यादा होता है। दतिया चुनाव में ग्रामीण इलाको से कम वोटिंग शहरों में हुई। ग्रामीण इलाकों के कई मतदान केंद्रों पर 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान दर्ज हुआ। सबसे अधिक बूथ क्रमांक 62 पर 92.19 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके उलट दतिया शहर के कई केंद्रों पर मतदान 55 प्रतिशत से भी कम रहा। बूथ क्रमांक 110 पर केवल 43.20 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पूरे विधानसभा क्षेत्र का सबसे कम मतदान प्रतिशत रहा। हालांकि, तीसरे राउंड से ही कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बढ़त बनाना शुरू कर दी थी।
कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाली जीत
दतिया की जीत कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय तक भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में मिली इस जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। वहीं, भाजपा के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले संगठन और चुनावी रणनीति की समीक्षा का संकेत माना जा रहा है।
टिकट कटने के बाद दतिया में भाजपा की पहली बड़ी संभा में नरोत्तम मिल ने आशुतोष तिवारी को जिताने घर-घर जाने का ऐलान किया। साथ ही अंत में वह भावुक हो गए। जानकारों का कहना है कि मंच पर उनके आसूंओं ने उनके समर्थकों के बीच भावनात्मक माहौल बना दिया। इससे पहले भाजपा में पहली बार टिकट कटने पर इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और जिला अध्यक्ष समेत पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए।