नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी मतभेद के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आखिरकार राहुल गांधी से मुलाकात की है। पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को संसद भवन में राहुल गांधी से अलग-अलग मुलाकात की।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने तीनों नेताओं को करीब पौने घंटे के दौरान अलग-अलग समय दिया। इस दौरान नेताओं ने पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति, संगठन में मतभेद और कार्यकर्ताओं के बीच घटते उत्साह को लेकर अपनी बात रखी।
राहुल गांधी को पंजाब कांग्रेस के हालात की दी जानकारी
सूत्रों के अनुसार, चन्नी, रंधावा और बाजवा ने राहुल गांधी से कहा कि पंजाब कांग्रेस में औपचारिक तौर पर कोई गुटबाजी नहीं है, लेकिन कई नेताओं के बीच मतभेद जरूर बने हुए हैं। इसका असर पार्टी के कार्यकर्ताओं के उत्साह और संगठन की सक्रियता पर भी दिखाई दे रहा है।
बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई।
नेताओं ने कथित तौर पर पंजाब के पिछले दौरे के दौरान भूपेश बघेल के कार्यक्रमों में हुई नारेबाजी का मुद्दा भी राहुल गांधी के सामने उठाया। सूत्रों के मुताबिक, उनका दावा था कि यह नारेबाजी एक साजिश का हिस्सा थी और इसकी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर डालने की कोशिश की गई।
एकजुटता के लिए राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग
पंजाब के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की। उनका कहना था कि पार्टी के भीतर मतभेदों को दूर कर संगठन को एकजुट करने की जरूरत है, ताकि कांग्रेस चुनावी मैदान में मजबूती के साथ उतर सके।
बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझने और संगठन में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
राहुल गांधी के सामने अब तीन रिपोर्ट
पंजाब कांग्रेस के विवाद को लेकर अब राहुल गांधी के सामने तीन अलग-अलग रिपोर्ट मौजूद होने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, इनमें दो रिपोर्ट पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल और एआईसीसी के संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल से जुड़ी हैं। तीसरी रिपोर्ट राहुल गांधी की अपनी टीम ने तैयार की है।
अब राहुल गांधी इन रिपोर्टों को लेकर केसी वेणुगोपाल के साथ चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद पंजाब कांग्रेस को लेकर आगे का फैसला लिए जाने की संभावना है।
राजा वड़िंग को हटाने और सीएम फेस घोषित करने की मांग
पंजाब कांग्रेस में नाराज नेताओं की ओर से मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने और आगामी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग उठाई जा रही है।
पार्टी के भीतर यह असंतोष 1 जुलाई से जारी बताया जा रहा है और अब तक स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई है।