Chhattisgarh Grain ATM: छत्तीसगढ़ में राशन वितरण होगा हाईटेक, 3 शहरों में ‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम शुरू

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में ‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम (Grain ATM) की शुरुआत की गई है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में ये मशीनें स्थापित की गई हैं।

बिलासपुर के सरकंडा में राज्य के पहले ‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम का शुभारंभ किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य हितग्राहियों को राशन लेने के लिए लंबी कतारों और पारंपरिक राशन वितरण व्यवस्था की परेशानी से राहत देना है।

बैंक एटीएम की तर्ज पर काम करने वाली यह मशीन पैसे की जगह पात्र हितग्राही को उसके राशन कार्ड के अनुसार अनाज उपलब्ध कराएगी।

30 सेकंड में मिल सकेगा 25 किलो तक अनाज

‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम की सबसे खास बात इसकी तेज वितरण क्षमता है। जानकारी के मुताबिक, मशीन से 25 से 30 सेकंड में करीब 25 किलो तक अनाज लिया जा सकता है।

इसका संचालन खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। मशीन को जरूरत के अनुसार 24 घंटे सेवा देने में सक्षम बनाया गया है।

इससे राशन लेने वाले लोगों का समय बचने के साथ-साथ वितरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आधार बायोमैट्रिक से होगा राशन का सत्यापन

ग्रेन एटीएम से राशन लेने के लिए हितग्राही को सबसे पहले आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसके बाद मशीन की स्क्रीन पर राशन कार्ड के अनुसार उपलब्ध अनाज की मात्रा दिखाई देगी।

राशन लेने की प्रक्रिया इस तरह होगी:

  1. बायोमैट्रिक सत्यापन: मशीन पर फिंगरप्रिंट के जरिए आधार आधारित पहचान की जाएगी।
  2. राशन की मात्रा देखें: सत्यापन के बाद स्क्रीन पर उपलब्ध राशन की मात्रा दिखाई देगी।
  3. मात्रा की पुष्टि करें: हितग्राही स्क्रीन पर राशन की मात्रा कन्फर्म करेगा।
  4. बैग रखें: खाली बैग या बोरी को मशीन के डिस्पेंसर के नीचे रखना होगा।
  5. डिस्पेंस बटन दबाएं: बटन दबाते ही निर्धारित मात्रा में अनाज सीधे बैग में भर जाएगा।

इस तरह राशन वितरण की प्रक्रिया में मैनुअल हस्तक्षेप कम करने की कोशिश की गई है।

पूरा राशन एक साथ लेना जरूरी नहीं

‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम की व्यवस्था में पात्र हितग्राही अपने निर्धारित राशन को अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग समय पर भी ले सकता है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी परिवार को एक महीने में 35 किलो राशन मिलना है, तो वह एक बार में पूरा राशन लेने के बजाय पहले 20 किलो ले सकता है और बचा हुआ राशन बाद में ले सकता है।

इसके अलावा उपलब्ध जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के किसी भी स्थान का राशन कार्ड इस व्यवस्था में मान्य होगा।

बिजली जाने पर भी काम करेगा ग्रेन एटीएम

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए मशीन में पावर बैकअप की व्यवस्था की गई है।

ग्रेन एटीएम के साथ हाई-कैपेसिटी UPS सिस्टम लगाया गया है। बिजली चले जाने की स्थिति में भी मशीन बैकअप पावर पर काम करती रहेगी। जानकारी के मुताबिक, बैकअप के जरिए करीब 15 से 20 लोगों तक राशन वितरण जारी रखा जा सकता है।

बिलासपुर के बाद रायपुर और दुर्ग में भी मशीन

छत्तीसगढ़ सरकार ने फिलहाल इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया है। बिलासपुर के सरकंडा के अलावा रायपुर और दुर्ग में भी ग्रेन एटीएम स्थापित किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि स्मार्ट राशन वितरण प्रणाली से राशन बांटने में होने वाली मानवीय गलतियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और राशन की संभावित कालाबाजारी पर रोक लगाने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

राशन वितरण व्यवस्था में कितना बदलेगा सिस्टम?

‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम के जरिए छत्तीसगढ़ में राशन वितरण को तकनीक आधारित और अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की जा रही है। अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में ऐसी मशीनों का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

फिलहाल बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में शुरू हुई यह सुविधा राशन हितग्राहियों के लिए एक नई व्यवस्था है, जिसमें बायोमैट्रिक पहचान, डिजिटल मात्रा सत्यापन और ऑटोमैटिक अनाज वितरण एक ही सिस्टम में किया जाएगा।

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