मोदी कैबिनेट में फेरबदल: किन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी?

Spread the love

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद अब मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद में संभावित बदलाव के दौरान मंत्रियों की उम्र, महिला प्रतिनिधित्व, युवा चेहरों, नए गठबंधन सहयोगियों और आगामी विधानसभा चुनावों के समीकरणों को ध्यान में रखा जा सकता है।

माना जा रहा है कि जिन मंत्रियों का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है, उनके विभाग बदले जा सकते हैं या उन्हें मंत्रिपरिषद से बाहर किया जा सकता है। वहीं, पार्टी में नई जिम्मेदारी पाने वाले कुछ नेताओं की जगह केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

मोदी कैबिनेट में 12 पद खाली

मौजूदा मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कुल 69 सदस्य हैं। संविधान के अनुच्छेद 75(1A) के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत तक हो सकती है। मौजूदा संख्या के हिसाब से मंत्रिपरिषद में 81 सदस्यों तक की गुंजाइश है।

ऐसे में करीब 12 पद खाली हैं, जिन पर नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब सरकार के कार्यकाल का करीब आधा हिस्सा पूरा हो चुका है और आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार उन मंत्रियों का बोझ भी कम करने पर विचार कर सकती है, जो एक से अधिक महत्वपूर्ण मंत्रालय या विभाग संभाल रहे हैं।

कुछ मंत्रियों के पद छोड़ने से बढ़ी बदलाव की संभावना

केंद्र सरकार में हाल के घटनाक्रमों को देखें तो कुछ मंत्रियों के पद छोड़ने और कुछ नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के कारण कैबिनेट में जगह खाली होने की स्थिति बनी है।

इनमें अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के राज्यसभा से जुड़े कार्यकाल के बाद पद छोड़ने की बात सामने आई है। इसके अलावा पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारियां मिलने वाले कुछ केंद्रीय मंत्रियों को लेकर भी बदलाव की अटकलें हैं।

ऐसे में इन पदों पर नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

किन मंत्रियों के बदले जाने की चर्चा?

सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भाजपा संगठन में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके मंत्रालय को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है। इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में पूरा होने की बात कही जा रही है।

ऐसे में आगे चलकर इन पदों पर भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, किन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा और किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व को लेना है।

युवा और महिला चेहरों पर भी रहेगा फोकस

संभावित मोदी कैबिनेट में फेरबदल में युवा नेताओं और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर भी ध्यान दिए जाने की चर्चा है। पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।

युवा मतदाताओं के बीच सरकार की पहुंच बढ़ाने के लिए कुछ नए और अपेक्षाकृत युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं, महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का संदेश भी दिया जा सकता है।

आगामी चुनावों के समीकरण भी होंगे अहम

मोदी कैबिनेट में बदलाव केवल मंत्रियों के प्रदर्शन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों के राजनीतिक समीकरण भी इस फेरबदल में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

इसके अलावा NDA में हाल के दिनों में जुड़े नए सहयोगी दलों को भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना पर चर्चा है। गठबंधन के क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिए कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को सरकार में जगह मिल सकती है।

2029 के लोकसभा चुनाव की भी तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए 2029 का लोकसभा चुनाव भी एक बड़ा लक्ष्य है। ऐसे में संभावित कैबिनेट बदलाव को अगले लोकसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सरकार संगठन और मंत्रिमंडल के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं, राज्यों और गठबंधन सहयोगियों को प्रतिनिधित्व देकर चुनावी संदेश मजबूत करना चाहती है।

फिलहाल मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। लेकिन भाजपा की नई टीम के गठन और मंत्रियों की संगठनात्मक भूमिकाओं में संभावित बदलाव के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलें जरूर तेज हो गई हैं।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.