देवरिया। Deoria Soldier Viral Video: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से भारतीय सेना के एक जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में फौजी वीर बहादुर सिंह ने अपनी जमीन पर कब्जा किए जाने और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट किए जाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फौजी ने वीडियो में अपने बुजुर्ग माता-पिता और गर्भवती बहन के साथ कथित मारपीट का भी जिक्र किया है।
वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर पुलिस ने भी अपनी जांच और अब तक सामने आई जानकारी साझा की है। पुलिस के अनुसार, मामला किसी अज्ञात भू-माफिया द्वारा जमीन कब्जाने का सीधा मामला नहीं है, बल्कि पुश्तैनी मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर परिवार के ही सदस्यों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद है।
पुलिस ने बताया है कि मामले में पहले पंचायत हो चुकी है और बाद में विवाद मारपीट तक पहुंच गया था। इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच के बाद चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है।
वायरल वीडियो में फौजी ने लगाए क्या आरोप?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देवरिया निवासी फौजी वीर बहादुर सिंह अपनी और अपने परिवार की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। फौजी का आरोप है कि उनकी जमीन और घर पर दबाव बनाकर कब्जा करने की कोशिश की गई।
वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनके बुजुर्ग माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा उन्होंने अपनी गर्भवती बहन के साथ कथित मारपीट का आरोप भी लगाया है।
फौजी ने वीडियो में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बेहद गंभीर बातें कही हैं। उन्होंने कथित तौर पर भू-माफिया को गोली मारने या खुद जान देने तक की बात कही। वीडियो में लगाए गए इन आरोपों के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। पुलिस ने पूरे मामले को पारिवारिक संपत्ति और पुश्तैनी मकान के विवाद से जुड़ा बताया है।
पुलिस ने क्या बताया?
इस मामले में CO सलेमपुर गौरव सिंह की ओर से जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, फौजी वीर बहादुर सिंह के पिता का नाम राजा सिंह है। राजा सिंह के दो भाई रामनारायण सिंह और सुग्रीव सिंह हैं।
तीनों भाइयों का देवरिया जिले के चुरिया गांव में पुश्तैनी मकान है। इसी मकान और जमीन के हिस्से को लेकर परिवार के बीच विवाद चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, इस संपत्ति को लेकर परिवार में काफी समय से मतभेद थे। बाद में विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत भी बुलाई गई थी।

31 दिसंबर 2025 को हुई थी पंचायत
पुलिस की जांच के अनुसार, पुश्तैनी मकान को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच 31 दिसंबर 2025 को पंचायत हुई थी। इस पंचायत में राजा सिंह और रामनारायण सिंह ने अपने हिस्से की जमीन सुग्रीव सिंह को बेचने का फैसला किया था।
इस दौरान जमीन और मकान से जुड़े हिस्से के लिए एक रकम तय की गई थी। पुलिस के मुताबिक, समझौते के तहत तय रकम का आधा हिस्सा फौजी वीर बहादुर सिंह के बैंक खाते में भी भेजा गया था।
समझौते के मुताबिक घर खाली करने के बाद बाकी रकम दिए जाने की बात तय हुई थी। लेकिन बाद में इसी समझौते को लेकर विवाद दोबारा खड़ा हो गया।
घर खाली करने को लेकर बढ़ा विवाद
पुलिस के मुताबिक, समझौते के बावजूद फौजी के पिता राजा सिंह घर खाली नहीं कर रहे थे। दूसरी ओर सुग्रीव सिंह ने पुराने मकान को गिराकर वहां नया मकान बनवाने का काम शुरू कर दिया।
इस दौरान राजा सिंह मकान के आगे वाले कमरे में रह रहे थे। मकान खाली करने और निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट की स्थिति पैदा हो गई।
26 फरवरी 2026 को हुई मारपीट
पुलिस की जानकारी के मुताबिक, 26 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
घटना के बाद इस मामले में थाना लार में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच की और जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट भी दाखिल कर दी।
यानी जिस मामले को वायरल वीडियो में जमीन कब्जाने और परिवार पर हमले के रूप में पेश किया गया है, पुलिस की जांच के मुताबिक उसकी पृष्ठभूमि में परिवार के बीच चल रहा पुराना संपत्ति विवाद भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने सुलह कराने की भी कोशिश की
पुलिस का कहना है कि विवाद सामने आने के बाद अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी की थी। पुलिस स्तर पर विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत कराई गई, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम रहे।
पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ गया।
अब यह पूरा विवाद अदालत में विचाराधीन है और आगे का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
क्या है फौजी और परिवार के बीच विवाद की असली वजह?
Deoria Soldier Viral Video के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पूरा विवाद किस बात को लेकर है।
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ पुश्तैनी मकान और जमीन के हिस्से से जुड़ी है। परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के बंटवारे और मकान खाली करने को लेकर मतभेद हुए।
बताया गया है कि पंचायत के दौरान जमीन बेचने और भुगतान को लेकर सहमति बनी थी। लेकिन बाद में मकान खाली करने और निर्माण को लेकर विवाद दोबारा सामने आ गया।
इसी बीच दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई और मामला थाने तक पहुंच गया।

वायरल वीडियो के बाद मामला फिर चर्चा में
फौजी वीर बहादुर सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। वीडियो में फौजी ने अपनी परेशानी बताते हुए प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए गंभीर बातें कही हैं।
वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों और पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के बीच अंतर हो सकता है।
इसलिए मामले की पूरी तस्वीर अदालत और जांच की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के मुताबिक मामला कोर्ट में विचाराधीन
पुलिस का कहना है कि मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और जांच के बाद चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
अब मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में वायरल वीडियो में लगाए गए प्रत्येक आरोप को अंतिम तथ्य मानने के बजाय पुलिस रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही पूरे मामले को देखना जरूरी है।
परिवार के आरोपों की भी होगी जांच
वायरल वीडियो में फौजी ने अपने माता-पिता और गर्भवती बहन के साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया है। इन आरोपों को लेकर भी तथ्य जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल पुलिस का रुख यह है कि पूरा मामला परिवार के बीच पुश्तैनी संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, विवाद पहले पंचायत तक पहुंचा, फिर मारपीट के बाद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ और अब मामला कोर्ट में है।
क्या है पूरा मामला एक नजर में?
- देवरिया के चुरिया गांव के फौजी वीर बहादुर सिंह का वीडियो वायरल हुआ है।
- फौजी ने जमीन कब्जाने और परिवार के साथ कथित मारपीट के आरोप लगाए हैं।
- पुलिस के मुताबिक, विवाद पुश्तैनी मकान और जमीन के हिस्से को लेकर है।
- 31 दिसंबर 2025 को मामले को लेकर पंचायत हुई थी।
- 26 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई।
- थाना लार में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
- पुलिस के स्तर पर सुलह कराने का प्रयास भी किया गया, लेकिन बात नहीं बनी।
- फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है।
Deoria Soldier Viral Video ने एक पुराने पारिवारिक संपत्ति विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है। फौजी के गंभीर आरोपों के बाद अब मामले में आगे की तस्वीर न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही साफ होगी।