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Surrendered Naxals Visit Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब 120 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच विधानसभा पहुंचे। वर्षों तक उग्रवाद की राह पर चलने वाले ये लोग अब पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट चुके हैं। इसे राज्य में शांति और विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सदन में आसंदी से सभापति ने पुनर्वासित नक्सलियों का स्वागत करते हुए उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री Vijay Sharma ने अपने कक्ष में सभी से मुलाकात की और बाद में उनकी भेंट मुख्यमंत्री से कराई।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने 120 से अधिक पुनर्वासित नक्सलियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इनमें नक्सली संगठन के पूर्व प्रवक्ता रूपेश भी शामिल थे। इससे पहले उन्होंने 150 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को नया रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था। इस पहल को संवाद और विश्वास कायम करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।
करीब 125 पुनर्वासित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। इनमें से सात को अध्यक्षीय दीर्घा में बैठने का अवसर मिला, जहां से उन्होंने जनहित के मुद्दों पर हो रही चर्चा को नजदीक से देखा। स्कूलों से जुड़े विषयों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से बहस चल रही थी, जिसे उन्होंने गंभीरता से सुना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझा।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की पहल लगातार जारी है। विधानसभा भ्रमण और संवाद कार्यक्रमों के जरिए यह संदेश दिया गया कि हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक स्थान है।
यह पहल छत्तीसगढ़ में बदलती परिस्थितियों और शांति स्थापना के प्रयासों का प्रतीक मानी जा रही है।