bhilai voter list update nikay election : छत्तीसगढ़ के भिलाई मतदाता सूची में निकाय चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल सामने आया है। दुर्ग जिले के चार प्रमुख नगरीय निकायों में पिछले निकाय चुनाव की तुलना में कुल 1,05,151 मतदाता कम दर्ज किए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रारंभिक निर्वाचक नामावली के अनुसार, सबसे ज्यादा कमी नगर निगम भिलाई में हुई है, जहां मतदाताओं की संख्या 69,540 घट गई है। ऐसे में आगामी निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूची की जांच करना पात्र नागरिकों के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल को मिलाकर वर्ष 2021 में कुल 6,12,855 मतदाता दर्ज थे। अब यह संख्या घटकर 5,07,704 रह गई है। प्रशासन ने मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र नागरिक 30 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
भिलाई में सबसे ज्यादा 69,540 मतदाता कम

दुर्ग जिले के नगरीय निकायों में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट नगर निगम भिलाई में दर्ज की गई है। वर्ष 2021 के निकाय चुनाव के दौरान यहां 4,07,624 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारंभिक मतदाता सूची में अब इनकी संख्या घटकर 3,38,084 रह गई है। इस तरह पिछले चुनाव की तुलना में 69,540 मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई है।
अन्य नगरीय निकायों में भी मतदाताओं की संख्या कम हुई है। भिलाई-चरोदा नगर निगम में 16,958, रिसाली नगर निगम में 15,143 और जामुल नगर पालिका परिषद में 3,510 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।
हालांकि, मतदाताओं की संख्या घटने का अर्थ यह नहीं है कि सभी मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। प्रारंभिक सूची में बदलाव के कारणों और प्रत्येक प्रविष्टि की स्थिति को समझने के लिए संबंधित निर्वाचन रिकॉर्ड देखना जरूरी है।
चारों निकायों में मतदाताओं का पूरा आंकड़ा
जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रारंभिक निर्वाचक नामावली के आंकड़ों के अनुसार, चारों नगरीय निकायों की स्थिति इस प्रकार है:
| नगरीय निकाय | वार्डों की संख्या | वर्ष 2021 में मतदाता | वर्तमान मतदाता | मतदाताओं में कमी |
|---|---|---|---|---|
| नगर निगम भिलाई | 70 | 4,07,624 | 3,38,084 | 69,540 |
| नगर निगम भिलाई-चरोदा | 40 | 88,205 | 71,247 | 16,958 |
| नगर निगम रिसाली | 40 | 94,104 | 78,961 | 15,143 |
| नगर पालिका परिषद जामुल | 20 | 22,922 | 19,412 | 3,510 |
| कुल | 170 | 6,12,855 | 5,07,704 | 1,05,151 |
इन आंकड़ों से साफ है कि भिलाई में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ा बदलाव हुआ है। वहीं भिलाई-चरोदा और रिसाली में भी 15 हजार से अधिक मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।
30 अक्टूबर तक नाम जुड़वाने और सुधार कराने का मौका

प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होने के बाद अब पात्र नागरिकों के पास अपना नाम जुड़वाने और सूची में दर्ज गलतियों को ठीक कराने का अवसर है। निर्धारित अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक, जिनका नाम सूची में दर्ज नहीं है, निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
यदि किसी मतदाता का नाम छूट गया है, पता गलत दर्ज है या सूची में किसी अन्य प्रकार की त्रुटि है, तो उसे समय रहते संबंधित निर्वाचन कार्यालय में आवेदन करना चाहिए।
दावा-आपत्ति की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर, दोपहर 3 बजे तक निर्धारित की गई है। इसलिए मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण पहले ही जांच लें।
मतदाता सूची में किस काम के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विवरण सुधारने या किसी गलत प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए अलग-अलग प्रारूप निर्धारित किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनका उपयोग इस प्रकार किया जा सकता है:
- प्रारूप ‘क’: किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र से स्थानांतरित होकर आने या सूची में नाम छूट जाने की स्थिति में नाम जुड़वाने के लिए।
- प्रारूप ‘क-1’: पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान पालिका क्षेत्र से संबंधित विधानसभा मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के आधार पर निकाय की सूची में नाम जुड़वाने के लिए।
- प्रारूप ‘ख’: मतदाता सूची में नाम, उम्र, पता या अन्य विवरणों में त्रुटि सुधारने के लिए।
- प्रारूप ‘ग’: किसी अपात्र, मृत या स्थानांतरित व्यक्ति की प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने अथवा स्वयं का नाम हटवाने के लिए।
आवेदन करने से पहले संबंधित निर्वाचन कार्यालय से प्रारूप और जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि कर लेना बेहतर होगा, ताकि आवेदन में किसी तरह की कमी न रह जाए।
विशेष गहन पुनरीक्षण से हटाई गईं गलत प्रविष्टियां
मतदाता सूची में बड़े बदलाव के पीछे सत्यापन और पुनरीक्षण प्रक्रिया को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। निर्वाचन संबंधी जानकारी के अनुसार, सूची की जांच के दौरान मृत व्यक्तियों, दूसरे स्थान पर जा चुके लोगों और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की प्रविष्टियों की समीक्षा की गई।
इसके अलावा, एक ही मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने जैसी दोहरी प्रविष्टियों की भी जांच की गई। ऐसी प्रविष्टियों को सत्यापन के बाद हटाने की प्रक्रिया से मतदाता सूची में बदलाव हुआ।
हालांकि, किसी मतदाता का नाम सूची से हटने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को अपनी प्रविष्टि की जांच करनी चाहिए। यदि कोई पात्र नागरिक अपना नाम गायब पाता है, तो उसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर दावा प्रस्तुत करना चाहिए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की महत्वपूर्ण तारीखें
दुर्ग जिले के चार नगरीय निकायों के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची से जुड़ी प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
| प्रक्रिया | निर्धारित तारीख |
|---|---|
| प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन और दावा-आपत्ति की शुरुआत | 23 अक्टूबर |
| दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तारीख | 30 अक्टूबर, दोपहर 3 बजे तक |
| दावे-आपत्तियों के निराकरण की समय-सीमा | 3 नवंबर |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 30 नवंबर |
इन तारीखों को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं को अपना नाम, उम्र, पता और अन्य विवरण समय रहते जांच लेने चाहिए। यदि किसी प्रकार की गलती सामने आती है, तो निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना जरूरी होगा।
निकाय चुनाव से पहले मतदाताओं के लिए क्यों अहम है यह प्रक्रिया?
निकाय चुनाव में मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। ऐसे में प्रारंभिक सूची में हुए बदलाव के बाद पात्र नागरिकों के लिए अपनी प्रविष्टि की जांच करना महत्वपूर्ण हो गया है।
विशेष रूप से भिलाई में 69,540 मतदाताओं की कमी और चारों नगरीय निकायों में कुल 1,05,151 मतदाताओं की शुद्ध कमी के आंकड़े सामने आने के बाद मतदाता सूची को लेकर लोगों की सतर्कता बढ़ना स्वाभाविक है।
यदि किसी नागरिक का नाम सूची से छूट गया है या उसमें कोई गलती है, तो दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के जरिए सुधार का अनुरोध किया जा सकता है। वहीं, यदि किसी अपात्र या गलत प्रविष्टि पर आपत्ति है, तो निर्धारित प्रारूप में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कुल मिलाकर, दुर्ग जिले के चार नगरीय निकायों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण निकाय चुनाव से पहले एक अहम प्रक्रिया है। पात्र मतदाताओं को 30 अक्टूबर, दोपहर 3 बजे की समय-सीमा का ध्यान रखते हुए अपनी प्रविष्टि जांचनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर समय पर दावा-आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।