gwalior carbide gun factory 66 guns : ग्वालियर में कार्बाइड गन बनाने और बेचने के खिलाफ पुलिस ने दीपावली से पहले बड़ी कार्रवाई की है। शहर के सिरोल और घासमंडी क्षेत्रों में तीन ठिकानों पर छापेमारी कर पुलिस ने कुल 66 कार्बाइड गन जब्त की हैं। इस कार्रवाई में कारखाना संचालक समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
दीपावली के दौरान कार्बाइड गन की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सिरोल क्षेत्र में एक कारखाने में प्रतिबंधित कार्बाइड गन तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली। जांच के दौरान गन के साथ पोटाश के पैकेट भी बरामद किए गए।
सिरोल में स्टील ट्रेडर्स के कारखाने पर छापा

पुलिस के मुताबिक, सिरोल चौराहे के पास स्थित मां पीतांबरा स्टील ट्रेडर्स में कार्बाइड गन बनाए जाने की जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर सिरोल थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एसएसपी धर्मवीर सिंह और एसडीएम अतुल सिंह भी मौके पर पहुंचे।
कारखाने की तलाशी में पुलिस को 58 तैयार कार्बाइड गन मिलीं। इसके अलावा पोटाश के पांच पैकेट भी बरामद किए गए। पुलिस ने कारखाना संचालक रमन ओझा, निवासी शिवनगर सिरोल, को हिरासत में लिया। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कार्रवाई के बाद प्रशासन ने कारखाने को सील कर दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां कार्बाइड गन कितने समय से बनाई जा रही थीं और तैयार गनों को कहां-कहां सप्लाई किया जाना था।
ग्वालियर में कार्बाइड गन की अलग-अलग किस्में बरामद

कारखाने से जब्त गनों में अलग-अलग प्रकार की कार्बाइड गन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में 47 सिंगल बैरल गन, 10 डबल बैरल गन और पांच बैरल वाली एक गन शामिल है।
कार्बाइड गन को लेकर दीपावली के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाती है। इनके निर्माण और इस्तेमाल से चोट लगने तथा दुर्घटना होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में पुलिस इनकी अवैध बिक्री और निर्माण पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई कर रही है।
हालांकि, जब्त गनों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क, बिक्री के संभावित ठिकानों और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के स्रोत को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
घासमंडी की दो दुकानों से भी मिलीं कार्बाइड गन

सिरोल स्थित कारखाने के अलावा पुलिस ने घासमंडी क्षेत्र की दो दुकानों पर भी छापेमारी की। यहां से कुल आठ कार्बाइड गन बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार, दुकानदार अनिल झा की दुकान से छह कार्बाइड गन मिलीं, जबकि काले खान की दुकान से दो गन जब्त की गईं। दोनों दुकानदारों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मुरार थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस तरह सिरोल के कारखाने से मिली 58 गन और घासमंडी की दोनों दुकानों से बरामद आठ गनों को मिलाकर कुल 66 कार्बाइड गन जब्त की गई हैं। पुलिस अब तीनों ठिकानों के बीच किसी तरह का आपसी संबंध होने और गनों की बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
एक दिन पहले गोला का मंदिर क्षेत्र में भी हुई थी कार्रवाई
ग्वालियर में कार्बाइड गन के निर्माण के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे एक दिन पहले गोला का मंदिर क्षेत्र में भी पुलिस ने गन बनाने के एक ठिकाने पर छापा मारा था।
उस कार्रवाई में पुलिस ने तीन पैकेट पोटाश, एक तैयार कार्बाइड गन और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की थी। मामले में कारखाना संचालक छत्रपाल सिंह बघेल को पकड़ा गया था।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद पुलिस निर्माण और बिक्री से जुड़े अन्य संभावित ठिकानों की भी पड़ताल कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।
दीपावली से पहले पुलिस की कार्रवाई तेज
दीपावली के दौरान पटाखों और अन्य विस्फोटक प्रकृति वाली सामग्री के इस्तेमाल के बीच कार्बाइड गन भी सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन सकती हैं। इनके अनुचित इस्तेमाल से लोगों को चोट लगने और आसपास के लोगों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इसी को देखते हुए पुलिस ने शहर में कार्बाइड गन के निर्माण और बिक्री पर निगरानी बढ़ाई है। सिरोल, घासमंडी और गोला का मंदिर क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद अब जांच का प्रमुख पहलू यह है कि इन गनों का निर्माण कहां किया जा रहा था, उनकी बिक्री किन लोगों को की जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
फिलहाल, सिरोल और घासमंडी के तीन ठिकानों से 66 कार्बाइड गन जब्त की गई हैं तथा तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही गनों की सप्लाई और बिक्री से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।