chhattisgarh road project junwani : छत्तीसगढ़ में पहाड़ काटकर बनाई जा रही सडक़, 25 किमी का चक्कर घटकर होगा कम

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chhattisgarh road project junwani : छत्तीसगढ़ सड़क परियोजना छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के जुनवानी से चिखली तक पहाड़ काटकर सड़क बनाने का काम शुरू हो गया है। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से दोनों गांवों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों को मुख्य मार्ग से घूमकर लगभग 25 से 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन सड़क बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 4 से 5 किलोमीटर रह जाने की उम्मीद है।

यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होगी, बल्कि ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार तक पहुंच आसान बनाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है। खासकर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, विद्यार्थियों, किसानों और वनोपज संग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक, जुनवानी और चिखली के बीच सीधा संपर्क मार्ग बनाने की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे। करीब 40 साल से चली आ रही इस मांग पर अब निर्माण कार्य शुरू हुआ है। भूमिपूजन के बाद लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की टीम मशीनों की मदद से पहाड़ काटने और जमीन समतल करने में जुटी हुई है।

12 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क

chhattisgarh road project junwani : छत्तीसगढ़ में पहाड़ काटकर बनाई जा रही सडक़, 25 किमी का चक्कर घटकर होगा

chhattisgarh road project junwani : छत्तीसगढ़ सड़क परियोजना के तहत जुनवानी-चिखली मार्ग के निर्माण के लिए शासन ने लगभग 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह सड़क डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को बेहतर संपर्क सुविधा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर ने इस सड़क की मांग को आगे बढ़ाने के प्रयास किए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बहुप्रतीक्षित सड़क के लिए राशि स्वीकृत की है।

अब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही परेशानी जल्द दूर होगी। पहाड़ी और घने वन क्षेत्र के कारण जुनवानी से चिखली तक सीधा सड़क संपर्क नहीं होने से लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। कई बार ग्रामीणों को पैदल पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता था।

सड़क बनने के बाद गांवों के बीच आवागमन आसान होने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से संपर्क भी बेहतर हो सकेगा। इससे स्थानीय लोगों का समय और परिवहन खर्च बचने की संभावना है।

एक साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

लोक निर्माण विभाग के अनुसार, जुनवानी-चिखली सड़क का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल मशीनों की मदद से पहाड़ काटने और जमीन को समतल करने का काम किया जा रहा है।

परियोजना में केवल पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का काम ही शामिल नहीं है। सड़क को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए रिटेनिंग वॉल, पुलिया और कल्वर्ट का निर्माण भी किया जाना है। इसके साथ ही सड़क पर डामरीकरण किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।

पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण के दौरान बारिश के पानी की निकासी एक महत्वपूर्ण चुनौती होती है। पानी की उचित निकासी नहीं होने पर सड़क को नुकसान पहुंच सकता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी वजह से परियोजना में जल निकासी से जुड़ी संरचनाओं को शामिल किया गया है।

निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण और वन विभाग से संबंधित नियमों का पालन करने की योजना है। पहाड़ी तथा वन क्षेत्र में सड़क बनाने के लिए निर्माण की गुणवत्ता, ढलान की स्थिरता और पानी की निकासी जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।

25-30 किलोमीटर का चक्कर घटकर रह जाएगा 4-5 किलोमीटर

इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा जुनवानी और चिखली के ग्रामीणों को दूरी कम होने के रूप में मिलेगा। वर्तमान में दोनों गांवों के बीच पहाड़ी और घने जंगल का क्षेत्र होने के कारण सीधा सड़क संपर्क नहीं है। ऐसे में लोगों को मुख्य मार्ग से घूमकर करीब 25 से 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।

नई सड़क बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 4 से 5 किलोमीटर रह जाने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में कम समय लगेगा और परिवहन पर होने वाला खर्च भी घट सकता है।

फिलहाल कुछ लोग मजबूरी में पैदल पगडंडियों से गुजरते हैं। पहाड़ी रास्तों पर चलना खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। बरसात के मौसम में ऐसी पगडंडियों से गुजरना और भी जोखिम भरा हो जाता है।

सीधा सड़क संपर्क बनने से ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे दैनिक जरूरतों के लिए गांव से बाहर जाना भी पहले के मुकाबले आसान हो सकेगा।

मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में मिलेगी राहत

दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में सड़क की सुविधा सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करती है। जुनवानी और चिखली के बीच सड़क बनने से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में राहत मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीणों के मुताबिक, पहले किसी मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। गंभीर स्थिति में यह परेशानी और बढ़ जाती थी। कुछ परिस्थितियों में मरीजों को खाट पर उठाकर ले जाने या वाहन से घूमकर मुख्य मार्ग तक पहुंचने की मजबूरी रहती थी।

सड़क तैयार होने के बाद एंबुलेंस और अन्य वाहनों की पहुंच आसान हो सकती है। इससे आपातकालीन स्थिति में अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक लाभ सड़क की गुणवत्ता, वाहन पहुंच और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस सड़क से उन्हें इलाज के लिए आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों से काफी हद तक राहत मिलेगी।

विद्यार्थियों की पढ़ाई और कॉलेज तक पहुंच होगी आसान

सड़क बनने से विद्यार्थियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। अभी लंबी दूरी तय करने के कारण स्कूल-कॉलेज आने-जाने में समय और मेहनत दोनों लगते हैं। खासकर उन विद्यार्थियों को परेशानी होती है, जिन्हें रोजाना पढ़ाई के लिए दूसरे गांव या नजदीकी कस्बों तक जाना पड़ता है।

जुनवानी-चिखली मार्ग तैयार होने के बाद यात्रा की दूरी कम होगी। इससे विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचना आसान हो सकता है। बारिश के दौरान रास्तों की परेशानी कम होने की भी उम्मीद है, बशर्ते सड़क का निर्माण तय गुणवत्ता के अनुसार पूरा हो।

बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण परिवारों को शिक्षा से जुड़े कामों के लिए भी सुविधा मिल सकती है। स्कूल-कॉलेज के अलावा अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी समय कम लगेगा।

किसानों और वनोपज संग्राहकों को मिलेगा लाभ

इस सड़क से स्थानीय किसानों और जंगल से मिलने वाली उपज एकत्र करने वाले ग्रामीणों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र के किसान सब्जियों और दूसरी कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने के लिए परिवहन पर निर्भर रहते हैं। लंबा रास्ता तय करने के कारण समय और लागत बढ़ सकती है।

किसान संतोष कुमार के मुताबिक, लंबी और कठिन दूरी के कारण व्यापारी गांवों तक आने से कतराते थे। सड़क बनने के बाद वाहनों की आवाजाही आसान होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल सकती है।

इसके अलावा महुआ, चार और तेंदूपत्ता जैसी वनोपज एकत्र करने वाले ग्रामीणों को भी परिवहन में राहत मिलने की संभावना है। बेहतर संपर्क मार्ग से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान हो सकता है।

यदि वाहनों की पहुंच बढ़ती है और बाजार से संपर्क बेहतर होता है, तो ग्रामीणों के परिवहन खर्च में कमी आने तथा उपज के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक असर बाजार की मांग, कीमतों और परिवहन व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा।

40 साल पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद

जुनवानी से चिखली तक सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के कारण उन्हें वर्षों तक आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी। अब निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद है कि आने वाली पीढ़ी को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जुनवानी के 62 वर्षीय ग्रामीण रामसाय मंडावी ने बताया कि वर्षों तक पहाड़ का चक्कर लगाकर आना-जाना करना पड़ा। बीमारी के समय मरीजों को खाट पर ले जाने या वाहन से लंबा रास्ता तय करने जैसी कठिनाइयां भी सामने आती थीं।

सड़क निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनके गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा। लोगों को रोजमर्रा के कामों, इलाज, पढ़ाई और बाजार तक पहुंचने के लिए पहले जैसी कठिनाई नहीं उठानी पड़ेगी।

करीब चार दशक से चली आ रही मांग पर काम शुरू होना ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब उनकी नजर निर्माण कार्य की गति और तय समयसीमा में सड़क पूरी होने पर है।

लोक निर्माण विभाग की टीम ने शुरू किया काम

लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता आरएन उसेंडी के मुताबिक, फिलहाल जेसीबी मशीनों से पहाड़ काटने और जमीन समतल करने का काम चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत पहाड़ी कटाव, सड़क निर्माण, रिटेनिंग वॉल, पुलिया, कल्वर्ट और डामरीकरण जैसे काम किए जाने हैं। इन सभी चरणों को तय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुसार पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।

पहाड़ी क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान ढलान की स्थिरता, बारिश के पानी की निकासी और सड़क के किनारों की मजबूती पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। इससे सड़क लंबे समय तक उपयोगी रह सकेगी और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल पाएगी।

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जुनवानी और चिखली के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ सड़क परियोजना से ग्रामीण विकास को मिल सकती है गति

chhattisgarh road project junwani : जुनवानी-चिखली सड़क परियोजना को ग्रामीण संपर्क व्यवस्था बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क बनने से सबसे पहले लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी, लेकिन इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय व्यापार से जुड़े अवसरों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

दूरी कम होने से ग्रामीणों का समय बचेगा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर जाना आसान हो सकता है। किसानों और वनोपज संग्राहकों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, विद्यार्थियों और मरीजों के लिए जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो सकती है।

हालांकि, परियोजना का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब सड़क का निर्माण तय समयसीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा हो। पहाड़ी क्षेत्र में जल निकासी और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी लंबे समय तक सड़क को उपयोगी बनाए रखने के लिए अहम होंगे।

chhattisgarh road project junwani : जुनवानी से चिखली तक सड़क निर्माण का काम शुरू हो चुका है। करीब 12 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ग्रामीणों की दशकों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। सड़क बनने के बाद 25 से 30 किलोमीटर का चक्कर घटकर लगभग 4 से 5 किलोमीटर रह सकता है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

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