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Baloda Bazar News: बलौदाबाजार जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे एक झोलाछाप के इलाज के बाद गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतका इंदु साहू (26) चार महीने की गर्भवती थी।
बताया गया है कि महिला सामान्य सर्दी-खांसी के इलाज के लिए स्थानीय क्लिनिक पहुंची थी। क्लिनिक संचालक जयंत साहू ने खुद माना है कि उसके पास मेडिकल डिग्री नहीं है, बावजूद इसके वह लंबे समय से ग्रामीणों का इलाज कर रहा था।
इलाज के दौरान कथित रूप से इंजेक्शन दिए जाने के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई और लगातार उल्टियां होने लगीं। गंभीर हालत में उसे पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने तक महिला की स्थिति बेहद गंभीर थी और नाक से खून व झाग निकल रहा था।
मामले में अब तक पुलिस केस दर्ज नहीं हुआ है। परिजनों ने लिखित में पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बिना मेडिकल जांच के अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे मौत के असली कारणों पर पर्दा पड़ गया है।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एमबीबीएस डॉक्टरों की अनुपलब्धता और स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी के कारण लोग झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर हो जाते हैं।
फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह घटना अवैध चिकित्सा प्रथाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग को और तेज कर रही है।