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Laxmi Verma Resignation: छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद Laxmi Verma ने राज्य महिला आयोग के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मंगलवार को अपना त्यागपत्र सौंपा, जिसे राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर सभी औपचारिक अड़चनें दूर हो गई हैं।
हाल ही में Bharatiya Janata Party ने राज्यसभा चुनाव के लिए कई राज्यों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई। पार्टी नेतृत्व ने संगठन में उनके लंबे अनुभव, सामाजिक सक्रियता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। अब निर्धारित तिथि पर वे राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगी।
बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मुड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक जीवन तीन दशकों से अधिक पुराना है। वर्ष 1990 में उन्होंने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ली। साल 2000 में उन्हें तत्कालीन सांसद Ramesh Bais का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया।
2001 में वे बीजेपी महिला मोर्चा कार्यसमिति की सदस्य चुनी गईं और चार वर्षों तक इस जिम्मेदारी को निभाया। 2010 में उन्हें बीजेपी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति (2010-2014) और महिला मोर्चा कार्यसमिति (2010-2022) में स्थान मिला।
बाद में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष (2021-2025) बनाया गया। साथ ही गरियाबंद संगठन प्रभारी और पार्टी की मीडिया प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।
लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 7 से पार्षद निर्वाचित हुईं। 2010 में वे रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2019 में उन्होंने स्टील मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एफएसएनएल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्य किया।
7 अक्टूबर 2024 से वे Chhattisgarh State Women Commission की सदस्य के रूप में संवैधानिक दायित्व निभा रही थीं, जिससे उन्होंने अब इस्तीफा दे दिया है।
राजनीति के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी लक्ष्मी वर्मा की सक्रिय भूमिका रही है। 1998 में वे शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं। 1999 में नेहरू युवा केंद्र से जिला युवा पुरस्कार प्राप्त किया। वे श्रम पुनर्वास समिति, मजदूर यूनियन और कुटुंब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य के रूप में भी जुड़ी रहीं।
वर्तमान में वे अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष हैं। मनवा कुर्मी समाज में भी उनकी मजबूत पकड़ है और वे विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
राज्यसभा उम्मीदवारी के साथ अब उनका राजनीतिक सफर नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जिस पर प्रदेश की राजनीति की नजरें टिकी हैं।