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संसद की विशेषाधिकार समिति का गठन, रायपुर सांसद Brijmohan Agrawal को मिली अहम जिम्मेदारी

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लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने संसद की विशेषाधिकार समिति के लिए 15 सदस्यों को मनोनीत किया है। इस अहम समिति का अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता Ravi Shankar Prasad को बनाया गया है। समिति में रायपुर से सांसद Brijmohan Agrawal को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिसे प्रदेश की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है।

किन-किन नेताओं को मिला स्थान?

Lok Sabha Secretariat द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, समिति में भाजपा के रामवीर सिंह बिधूड़ी, संगीता कुमारी सिंह देव, जगदंबिका पाल, त्रिवेंद्र सिंह रावत और जगदीश शेट्टर को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा कांग्रेस से तारिक अनवर, मनीष तिवारी और मणिकम टैगोर, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव, द्रमुक से टी.आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस से कल्याण बनर्जी, शिवसेना से श्रीरंग अप्पा बार्ने और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से अरविंद सावंत को सदस्य बनाया गया है।

क्या होती है विशेषाधिकार समिति?

विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति होती है। इसका मुख्य काम सांसदों या सदन के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करना होता है। जब भी किसी मामले को अध्यक्ष द्वारा समिति को सौंपा जाता है, तो समिति उसकी जांच कर अपनी सिफारिशें पेश करती है।

लोकसभा में इस समिति के 15 सदस्य अध्यक्ष द्वारा नामित किए जाते हैं, जबकि राज्यसभा में 10 सदस्यों को सभापति द्वारा मनोनीत किया जाता है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का इस समिति में शामिल होना छत्तीसगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।