भण्डारपुरी में विकास कार्यों की घोषणा : करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सड़क निर्माण, शिक्षा सुविधाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के विकास से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान किया। आरंग विकासखंड के भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लगभग 28.96 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। साथ ही, प्रदेश में 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने और विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल भवनों व सरकारी कार्यालय के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाबा गुरु घासीदास जी को नमन करते हुए उनके विचारों और शिक्षाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, समानता, करुणा और भाईचारे पर आधारित बाबा गुरु घासीदास जी की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं।
भण्डारपुरी धाम में सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन

भण्डारपुरी धाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपये की लागत वाली सड़क विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और लोगों के आवागमन को सुविधाजनक करना है।
कार्यक्रम में बताई गई प्रमुख सड़क परियोजनाओं में मोहंदी-अड़सेना मार्ग और छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग शामिल हैं।
मोहंदी-अड़सेना मार्ग: इस सड़क के चार किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा। इसके लिए 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपये की लागत निर्धारित की गई है।
छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग: लगभग 29 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपये की लागत से डामर नवीनीकरण किया जाएगा।
इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित गांवों के बीच आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय परिवहन और क्षेत्रीय आवाजाही को भी लाभ मिल सकता है।
40 स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे लकड़ी के जैतखाम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की घोषणा की। जैतखाम सतनामी समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
भण्डारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक मेल-मिलाप और सामुदायिक परंपराओं का भी अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ समाज में समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक भेदभाव से दूर रहने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।
सतनामी समाज की शिक्षा पर सरकार का जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा और युवाओं के अवसरों से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सतनामी समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिल्ली स्थित कोचिंग संस्थान में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को उपलब्ध अवसरों का विस्तार करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने भण्डारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक गौरव से जुड़े स्थलों का विकास तथा संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
स्कूल भवनों और सरकारी कार्यालय के लिए राशि देने की घोषणा
भण्डारपुरी में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर चार निर्माण कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इन कार्यों में स्कूल भवनों के निर्माण और नगर पंचायत कार्यालय के लिए नया भवन बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
घोषित निर्माण कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
- ग्राम पंचायत खमतराई: हाई स्कूल भवन के निर्माण के लिए 75 लाख रुपये।
- नगर पंचायत आरंग के ओड़का क्षेत्र: नए प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये।
- मंदिर हसौद: पीएम श्री स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये।
- चंदखुरी: नगर पंचायत कार्यालय के नए भवन के निर्माण के लिए 85 लाख रुपये।
इन घोषणाओं के माध्यम से स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय निकायों के लिए बेहतर भवन उपलब्ध कराने की योजना है। निर्माण कार्य पूरे होने पर विद्यार्थियों और संबंधित संस्थानों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को वर्तमान समाज के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि समानता, अहिंसा और भाईचारे जैसे मूल्य सामाजिक एकता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण हैं।
भण्डारपुरी धाम को सतनाम पंथ की आस्था और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में विकास कार्यों से जुड़ी घोषणाओं के साथ शिक्षा, सड़क संपर्क और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण से संबंधित मुद्दे भी सामने आए।
भण्डारपुरी के विकास कार्यों से क्या होगा लाभ?
भण्डारपुरी धाम में घोषित परियोजनाओं में सड़क निर्माण और नवीनीकरण, स्कूल भवनों का निर्माण, नगर पंचायत कार्यालय के लिए नया भवन और 40 स्थानों पर जैतखाम की स्थापना शामिल है। इन योजनाओं का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
सड़क परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि स्कूल भवनों के निर्माण से शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिल सकता है। नगर पंचायत कार्यालय के नए भवन से स्थानीय निकाय के कामकाज के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं, जैतखाम की स्थापना सतनामी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी है।
हालांकि, इन घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव संबंधित निर्माण कार्यों की शुरुआत, समय पर पूरा होने और सुविधाओं के उपयोग पर निर्भर करेगा।
भण्डारपुरी धाम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यक्रम के दौरान सड़क विकास, शिक्षा संबंधी निर्माण कार्यों और सांस्कृतिक प्रतीकों की स्थापना से जुड़ी घोषणाएं की गईं। लगभग 28.96 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के भूमिपूजन के साथ 40 स्थानों पर जैतखाम स्थापित करने का ऐलान कार्यक्रम की प्रमुख घोषणाओं में शामिल रहा।