चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन मायापुर-पीपलकोटी टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 11 श्रमिक घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, 6 मजदूर अब भी लापता हैं।
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया। टनल में काम कर रहे 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
टनल में अचानक घुसा पानी और मलबा
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम विष्णुगाड-पीपलकोटी पनबिजली परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा तेजी से भरने लगा। उस समय कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे।
पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि वहां मौजूद श्रमिकों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
11 मजदूर घायल, अलग-अलग राज्यों के श्रमिक शामिल
हादसे में घायल हुए 11 मजदूरों में अलग-अलग राज्यों के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इनमें:
- झारखंड के 5 मजदूर
- बिहार के 2 मजदूर
- छत्तीसगढ़ के 2 मजदूर
- पंजाब का 1 मजदूर
- हिमाचल प्रदेश का 1 मजदूर
शामिल हैं।
घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं लापता श्रमिकों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
घायल मजदूर ने बताई हादसे की स्थिति
हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने बताया कि वह टनल के भीतर सरिया बांधने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हुआ और पानी व मलबा तेजी से अंदर आने लगा।
उनके मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का ज्यादा समय नहीं मिल पाया।
6 मजदूरों की तलाश जारी
हादसे के बाद राहत और बचाव दल लगातार टनल के भीतर लापता मजदूरों की तलाश में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू अभियान की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती टनल के भीतर जमा मलबे और पानी को हटाकर लापता श्रमिकों तक पहुंचना है।
पहले भी हो चुका है हादसा
बताया जा रहा है कि इसी टनल में दिसंबर में भी लोको ट्रेन की टक्कर की घटना हुई थी। अब एक बार फिर निर्माणाधीन टनल में हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।