Chhattisgarh Congress News: विश्व आदिवासी दिवस के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की है। कांग्रेस आज, 11 अगस्त को प्रदेश के 15 जिलों में एक साथ जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और राज्य सरकार ने आदिवासी समाज की उपेक्षा की और विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज को उचित सम्मान नहीं दिया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी संबंधित जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों को पत्रकारवार्ता आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी की ओर से इन कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग जिलों में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
15 जिलों में कांग्रेस के नेता रखेंगे पार्टी का पक्ष
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए 15 जिलों में अलग-अलग प्रभारी नेताओं की नियुक्ति की है।
सरगुजा में डॉ. प्रेमसाय सिंह, सूरजपुर में अमरजीत भगत, बलरामपुर में डॉ. प्रीतम राम और जशपुर में भानुप्रताप सिंह कांग्रेस की ओर से पत्रकारों से बातचीत करेंगे।
वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में गुलाब कमरो, कोरबा में फूलसिंह राठिया, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में इंद्रशाह मंडावी और गरियाबंद में जनक राम ध्रुव को जिम्मेदारी दी गई है।
बस्तर में देवचंद मातलम, बीजापुर में विक्रम मंडावी, कांकेर में वीरेश ठाकुर, कोंडागांव में मोहन मरकाम, दंतेवाड़ा में छविंद्र कर्मा, सुकमा में हरीश लखमा और नारायणपुर में चंदन कश्यप प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस का पक्ष रखेंगे।
विश्व आदिवासी दिवस पर सरकार पर कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस का कहना है कि हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। पार्टी का आरोप है कि इस वर्ष भाजपा नेताओं और राज्य सरकार की ओर से आदिवासी समाज को बधाई नहीं दी गई।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वह इस विषय को अब जिला स्तर पर उठाएगी और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी हाल में भाजपा पर आदिवासी संस्कृति और पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया था। अब पार्टी की जिला स्तरीय पत्रकारवार्ताओं में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।


15 जिलों में क्यों हो रही है प्रेस कॉन्फ्रेंस?
कांग्रेस का उद्देश्य विश्व आदिवासी दिवस से जुड़े मुद्दे को प्रदेश के अलग-अलग आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक पहुंचाना है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आदिवासी समाज के अधिकार, संस्कृति, पहचान और परंपराओं से जुड़े विषयों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस इन पत्रकारवार्ताओं के जरिए भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक पक्ष भी रखेगी।
जिला अध्यक्षों को दिए गए आयोजन के निर्देश
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू की ओर से जिला और शहर कांग्रेस कमेटियों को पत्र जारी किया गया है।
पत्र में संबंधित नेताओं के साथ समन्वय करके 11 अगस्त को अनिवार्य रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम के बाद उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजने के लिए कहा गया है।
विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस बार छत्तीसगढ़ में इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा-सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।