Congress Leader Threat: कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह को डाक के जरिए एक ऐसा पत्र मिला है, जिसमें उनकी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया गया है। पत्र में जेल में बंद एक आरोपी के साथ कुछ अन्य लोगों की कथित संलिप्तता, झारखंड से जुड़े लोगों और शूटरों से संपर्क का उल्लेख किया गया है। पत्र मिलने के बाद गुरप्रीत सिंह कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
पत्र में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि पत्र में लिखी गई जानकारी कितनी सही है और इसके पीछे किसका हाथ है।
पत्र में हत्या की साजिश और पैसों के लेनदेन का दावा

Congress Leader Threat: मामले में सामने आए पत्र में दावा किया गया है कि जेल में बंद एक आरोपी बाहर मौजूद कुछ लोगों के संपर्क में है और कथित तौर पर गुरप्रीत सिंह की हत्या की योजना बनाई जा रही है। पत्र में शूटरों से संपर्क और इसके लिए बड़ी रकम के लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है।
पत्र में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी लिखे गए हैं, जिन पर कथित साजिश से जुड़े होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन नामों का उल्लेख केवल पत्र में किए गए आरोपों के आधार पर है। पुलिस की जांच के बिना किसी भी व्यक्ति की भूमिका को अपराध से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
पत्र मिलने के बाद गुरप्रीत सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
बताया गया है कि पत्र में करीब दो महीने पहले हुई एक मारपीट की घटना का भी जिक्र किया गया है। दावा है कि गुरप्रीत सिंह के घर के सामने उनका कुछ लोगों के साथ विवाद हुआ था। इस घटना के संदर्भ में सुनील साहू और श्याम विश्वकर्मा के नाम सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद गुरप्रीत सिंह की शिकायत पर सुनील साहू के खिलाफ मणिपुर थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस कार्रवाई के बाद सुनील साहू फिलहाल सेंट्रल जेल में बंद बताया गया है।
अब नए पत्र में इसी पुराने विवाद को कथित हत्या की साजिश से जोड़ने की कोशिश की गई है। हालांकि, पुराने मामले और पत्र में लगाए गए नए आरोपों के बीच वास्तविक संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
झारखंड और राउरकेला के लोगों के नामों का उल्लेख

पत्र में कथित तौर पर झारखंड और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कुछ लोगों के नाम लिखे गए हैं। इनमें राउरकेला निवासी रमेश कुमार शर्मा उर्फ टिट्टू, झारखंड निवासी मनोज उर्फ भूत सरकार और शंकर मुंडा सहित अन्य लोगों का उल्लेख किया गया है।
Congress Leader Threat: पत्र में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों के माध्यम से शूटरों से संपर्क किया जा रहा है और गुरप्रीत सिंह को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसमें कथित तौर पर बड़ी रकम के लेनदेन की बात भी कही गई है।
हालांकि, यह सभी बातें फिलहाल पत्र में किए गए दावे हैं। इनकी पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। जिन लोगों के नाम पत्र में आए हैं, उनकी भूमिका को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
कांग्रेस नेताओं के साथ SP कार्यालय पहुंचे गुरप्रीत सिंह

पत्र मिलने के बाद गुरप्रीत सिंह कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत सौंपी और मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
Congress Leader Threat: गुरप्रीत सिंह ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही उन्होंने जेल में बंद आरोपी की गतिविधियों और पत्र में जिन लोगों का उल्लेख किया गया है, उनके संबंध में जांच कराने की अपील की है।
मामले में पुलिस की ओर से पत्र की जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पत्र किसने भेजा, उसमें दी गई जानकारी का आधार क्या है और कथित साजिश से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है।
पत्र असली है या किसी की साजिश? जांच के बाद होगा खुलासा
Congress Leader Threat: का मामला कई अहम सवाल खड़े कर रहा है। यदि पत्र में किए गए दावे सही हैं, तो यह गंभीर सुरक्षा से जुड़ा मामला हो सकता है। वहीं, यदि पत्र में दी गई जानकारी गलत या किसी को डराने के उद्देश्य से भेजी गई है, तो इसके पीछे की वजह और जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाना भी जरूरी होगा।
Congress Leader Threat: पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि गुरप्रीत सिंह की हत्या की कथित साजिश का दावा कितना विश्वसनीय है। सबसे अहम बात यह है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, पत्र में बताए गए तथ्यों की पुष्टि की जाए और कांग्रेस नेता की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जाएं।