Dhamtari Crime: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हर महीने 4 फीसदी मुनाफे का भरोसा देकर लोगों से निवेश कराने वाले मुख्य आरोपी विक्रम सिंह शाह को पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में अब तक 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है। आरोप है कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी नोटरीकृत इकरारनामा और बैंक चेक देता था, लेकिन बाद में रकम लौटाए बिना फरार हो गया।
धमतरी पुलिस के मुताबिक, आरोपी कलेक्ट्रेट रोड स्थित वेल्थ ट्रैकर कार्यालय के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। निवेश पर हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफे का वादा किया जाता था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को लाभ की रकम भी दी गई, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा। लेकिन बाद में निवेशकों को न तो उनकी मूल रकम वापस मिली और न ही वादा किया गया मुनाफा।
हर महीने 4 फीसदी मुनाफे का लालच देकर जुटाई रकम

Dhamtari Crime मामले में पुलिस जांच के अनुसार, विक्रम सिंह शाह निवेशकों को शेयर मार्केट में पैसा लगाने पर नियमित और आकर्षक रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाता था। लोगों को बताया जाता था कि उनकी निवेश की गई रकम ट्रेडिंग में लगाई जाएगी और उससे हर महीने 4 फीसदी तक मुनाफा मिल सकता है।
निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए आरोपी कथित तौर पर स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता था। इसके अलावा सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी दिए जाते थे। लिखित दस्तावेज और चेक मिलने के कारण कई लोगों ने आरोपी पर भरोसा किया और अपनी मेहनत की कमाई निवेश कर दी।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम दी गई थी। इससे दूसरे लोगों को भी निवेश के लिए प्रोत्साहन मिला। हालांकि, कुछ समय बाद भुगतान बंद हो गया। निवेशकों को न तो मूलधन वापस मिला और न ही मुनाफे की रकम। इसके बाद आरोपी के फरार होने की बात सामने आई।
25 लाख रुपये के निवेश की शिकायत से खुला मामला
इस मामले में शिकायतकर्ता ने भी 25 लाख रुपये निवेश किए थे। आरोप है कि तय समय के बाद रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई तो मामला केवल एक निवेशक तक सीमित नहीं रहा।
जांच के दौरान पुलिस के सामने कई अन्य निवेशकों के नाम और उनकी जमा की गई रकम की जानकारी आई। धीरे-धीरे कथित धोखाधड़ी का आंकड़ा करोड़ों रुपये तक पहुंच गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने कितने लोगों से निवेश कराया और रकम किस तरह जुटाई गई।
3.12 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा

धमतरी पुलिस के अनुसार, अब तक जांच में सामने आए प्रमुख निवेशकों की रकम इस प्रकार है:
- संगीता सिन्हा: 81 लाख रुपये
- अंबिका प्रसाद सोनवानी: 60 लाख रुपये
- भूषण सिन्हा: 28 लाख रुपये
- चेतन सिन्हा: 16 लाख रुपये
- प्रभुलाल सिन्हा: 12 लाख रुपये
इन निवेशकों के नाम और रकम सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस के मुताबिक, अब तक कुल धोखाधड़ी की रकम 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या और कथित लेनदेन से जुड़ी जानकारी में बदलाव हो सकता है।
हर महीने 4 फीसदी मुनाफे का वादा निवेशकों के लिए आकर्षण का कारण बना। लेकिन अब कथित धोखाधड़ी के चलते कई परिवारों की बड़ी रकम फंस गई है। निवेशकों के सामने अपनी जमा पूंजी वापस पाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से इंदौर पहुंची पुलिस
करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले को गंभीरता से लेते हुए धमतरी पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की।
जांच के दौरान आरोपी के मध्यप्रदेश के इंदौर में मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद धमतरी पुलिस की टीम ने इंदौर में घेराबंदी कर विक्रम सिंह शाह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, निवेशकों से संबंधित नोटरीकृत इकरारनामे और बैंक चेक भी जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से निवेश से जुड़े लेनदेन और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस रिमांड लेकर रकम के लेनदेन की होगी जांच

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि निवेशकों से जुटाई गई करोड़ों रुपये की रकम कहां और किस काम में इस्तेमाल की गई।
जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि क्या आरोपी ने इस काम में किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली थी या निवेश से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। जब्त मोबाइल फोन, टैबलेट, बैंक चेक और इकरारनामों से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
निवेशकों की रकम वापस मिलेगी या नहीं?
Dhamtari Crime का यह मामला एक बार फिर निवेश के नाम पर मिलने वाले असामान्य मुनाफे के वादों को लेकर सावधान करता है। हर महीने 4 फीसदी रिटर्न का भरोसा, लिखित इकरारनामा और बैंक चेक जैसे दस्तावेज होने के बावजूद निवेशकों की रकम कथित तौर पर वापस नहीं मिली।
मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निवेशकों से जुटाई गई 3.12 करोड़ रुपये से अधिक की रकम आखिर कहां गई और पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल पाएगी या नहीं। पुलिस की आगे की जांच और पूछताछ से इस मामले की अन्य कड़ियों का खुलासा होने की उम्मीद है।