नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू और अन्य इन्फ्लूएंजा संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सरकार ने विशेष रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, सांस संबंधी स्वच्छता बनाए रखने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक दिल्ली में H1N1 के 1,777 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। गुरुवार को ही 114 नए संक्रमण दर्ज किए गए। वहीं, 2026 में राजधानी में इन्फ्लूएंजा-ए के मामलों की संख्या 2,300 से अधिक हो गई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों को और मजबूत किया है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की सलाह
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोने तथा सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के नजदीकी संपर्क से बचने को कहा गया है।
लोगों को बिना जरूरत आंख, नाक और मुंह छूने से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करने और शरीर में पर्याप्त पानी की मात्रा बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
फ्लू जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से लें सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर लोग खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
मौसमी इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अस्पतालों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
35 अस्पतालों पर विशेष निगरानी, AIIMS और NCDC में जांच की व्यवस्था
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मौसमी संक्रमण में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली के 35 अस्पतालों को विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है। जांच और निगरानी के लिए AIIMS और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) को रेफरल लैब के रूप में चिन्हित किया गया है।
सरकार ने मरीजों की श्रेणी तय करने, इलाज की प्रक्रिया, होम केयर, गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता और मास्क के उपयोग को लेकर तकनीकी दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
अस्पतालों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी, गंभीर श्वसन संक्रमण, इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों की स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- बेड और दवाओं की कोई कमी नहीं
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि राजधानी में मरीजों के इलाज के लिए बेड, डॉक्टर, दवाओं और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग लगातार मरीजों की संख्या पर नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार अस्पतालों की तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है।
दिल्ली में 2,600 से अधिक इन्फ्लूएंजा मामले
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 में दिल्ली में अब तक 2,602 इन्फ्लूएंजा मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 2,392 इन्फ्लूएंजा-ए और 210 इन्फ्लूएंजा-बी संक्रमण शामिल हैं।
इन्फ्लूएंजा-ए के मामलों में H1N1 प्रमुख स्ट्रेन बना हुआ है, जिसके 1,777 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा H3, H1 और अन्य सब-टाइप के संक्रमण भी दर्ज किए गए हैं।
IDSP के जरिए संक्रमण पर लगातार नजर
दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने बताया कि इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के माध्यम से इन्फ्लूएंजा के मामलों और संक्रमण के रुझान की लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित समीक्षा बैठकें, जागरूकता अभियान और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामले आमतौर पर वर्ष में दो बार अधिक देखने को मिलते हैं—जनवरी से मार्च के बीच और मानसून के बाद के मौसम में। इस वर्ष दिल्ली में H1N1 प्रमुख स्ट्रेन के रूप में सामने आया है, जबकि 2025 में H3N2 संक्रमण अधिक प्रभावी था।