Dhamtari Diamond Theft: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने बहुमूल्य पत्थरों की कथित अवैध बिक्री के मामले में 64 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से 146 सफेद, चमकदार और पारदर्शी पत्थर बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने इन पत्थरों को वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस ने बरामद पत्थरों के साथ एक मोबाइल फोन और 2,200 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपये बताई गई है। फिलहाल पत्थरों की वास्तविक प्रकृति और चोरी से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
नेशनल हाईवे-30 के पास मिली थी सूचना

धमतरी पुलिस के मुताबिक, जिले में चोरी, अवैध खनिज गतिविधियों और बहुमूल्य पत्थरों की गैरकानूनी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत 18 अक्टूबर 2026 को बिरेझर चौकी और साइबर थाना धमतरी की संयुक्त टीम जांच और पेट्रोलिंग कर रही थी।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नेशनल हाईवे-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास एक व्यक्ति बहुमूल्य पत्थर लेकर ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद उसकी तलाशी ली गई, जिसमें पॉलीथीन के अंदर नीले और फिरोजी रंग की झिल्ली में लिपटे 146 चमकदार पत्थर मिले।
विनोद अग्रवाल के रूप में हुई आरोपी की पहचान

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान विनोद अग्रवाल (64 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भाटापारा स्थित केके वार्ड का निवासी बताया गया है।
तलाशी के दौरान बरामद पत्थरों का कुल वजन 16.17 ग्राम और शुद्ध वजन 13.49 ग्राम दर्ज किया गया। पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 5 हजार रुपये बताई है।
हालांकि, बरामद पत्थरों को वास्तविक हीरा मानने से पहले उनकी प्रकृति और गुणवत्ता की पुष्टि जरूरी है। फिलहाल पुलिस इन्हें हीरे जैसे चमकदार बहुमूल्य पत्थरों के रूप में बता रही है।
वर्ष 2018 में पायलीखंड खदान से चोरी का दावा

Dhamtari Diamond Theft मामले में पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बरामद पत्थरों को वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी करने की बात स्वीकार की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी इन पत्थरों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर उसे पकड़ा गया।
अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित चोरी किन परिस्थितियों में हुई थी, पत्थरों को इतने वर्षों तक कहां रखा गया और क्या इनके परिवहन या बिक्री में अन्य लोग भी शामिल थे।
आरोपी के कथित बयान के आधार पर ही चोरी की पूरी घटना को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड, उपलब्ध साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
मोबाइल और नकदी समेत 10.15 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 146 पत्थरों के अलावा एक Samsung Galaxy S21 FE 5G मोबाइल फोन और 2,200 रुपये नकद जब्त किए हैं।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य इस प्रकार है:
- 146 बहुमूल्य पत्थर: करीब 10,05,000 रुपये
- मोबाइल फोन: करीब 8,000 रुपये
- नकद राशि: 2,200 रुपये
इस तरह जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 10,15,200 रुपये बताई गई है। पुलिस बरामद सामग्री को मामले से जुड़े साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल कर रही है।
खान एवं खनिज अधिनियम और BNS के तहत कार्रवाई
धमतरी पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय कुरूद में पेश किया गया। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले की जांच में अब बरामद पत्थरों की प्रकृति, उनके स्रोत और कथित चोरी से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
अवैध खनिज गतिविधियों पर पुलिस की नजर
इस कार्रवाई के बाद धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अवैध खनिज उत्खनन, चोरी, तस्करी और बहुमूल्य पत्थरों की संदिग्ध खरीद-बिक्री से जुड़ी जानकारी पुलिस को देने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले लोगों की पहचान नियमानुसार गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की तस्वीर
Dhamtari Diamond Theft मामले में फिलहाल पुलिस ने 146 चमकदार पत्थरों और अन्य सामग्री को जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य 10 लाख 15 हजार 200 रुपये बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्थरों को वर्ष 2018 में पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, पत्थरों की वास्तविक पहचान, उनके स्रोत और कथित चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।