IAS Tanuja Salam: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2019 बैच की आईएएस अधिकारी तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे खेल एवं युवा कल्याण विभाग में संचालक की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। राज्य सरकार ने उनका तबादला करते हुए उन्हें जिले की कमान सौंपी है।
तनुजा सलाम के कलेक्टर बनने के बाद उनके प्रशासनिक करियर के साथ-साथ संघर्ष से जुड़ी कहानी और उनका एक चर्चित पुलिस चेकिंग का मामला भी दोबारा चर्चा में आ गया है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की नई कलेक्टर बनीं तनुजा सलाम
राज्य सरकार के तबादला आदेश के अनुसार, IAS तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का जिला कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, इस जिले की जिम्मेदारी संभाल रहीं 2016 बैच की आईएएस अधिकारी तुलिका प्रजापति को कबीरधाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
तनुजा सलाम के लिए यह जिम्मेदारी उनके लंबे प्रशासनिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
बस्तर में बीता बचपन, अभावों ने सिखाया संघर्ष
तनुजा सलाम मूल रूप से बस्तर क्षेत्र से हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि उनका जन्म कांकेर में हुआ, जबकि उनका ननिहाल कोंटा में है। उनके माता-पिता दोनों सरकारी सेवा में रहे। पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद परिवार में उनकी मां ने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी।
चार भाई-बहनों में तनुजा सबसे बड़ी हैं। पिता की नौकरी के कारण उनका बचपन बस्तर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर और कांकेर जैसे इलाकों में बीता। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई कॉन्वेंट स्कूलों से की और इसके बाद नागपुर से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए तनुजा ने बताया था कि उस समय बस्तर के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। कोंटा स्थित ननिहाल जाने के दौरान परिवहन की सुविधा भी सीमित थी और कई गांव-कस्बे सड़कों से अच्छी तरह जुड़े नहीं थे। हालांकि, समय के साथ इन क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार हुआ।
उन्होंने यह भी बताया था कि माता-पिता के प्रोत्साहन से परिवार की सभी बहनों ने उच्च पदों तक पहुंच बनाई।
एयर होस्टेस बनने का था सपना, फिर चुना प्रशासनिक सेवा का रास्ता
साल 2000 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद तनुजा सलाम की इच्छा एयर होस्टेस बनने की थी। इसी दौरान मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया और राज्य में सरकारी सेवाओं के नए अवसर सामने आए।
परिवार की सलाह के बाद उन्होंने रायपुर में रहकर राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली।
उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में परीक्षा में सफल होकर राज्य प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अपर कलेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी संभाली। आगे चलकर उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS में पदोन्नति मिली।

जब रात में थाने पहुंचीं तनुजा सलाम, पुलिसकर्मियों का कराया एल्कोहल टेस्ट
IAS तनुजा सलाम का एक मामला साल 2022 में काफी चर्चा में आया था। उस समय वे दुर्ग जिले में अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत थीं।
रात्रि चेकिंग के दौरान अमलेश्वर पुलिस थाने की टीम ने उनके भाई और भांजे को रोक लिया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद तनुजा सलाम मौके पर पहुंचीं।
इसके बाद उन्होंने चेकिंग में तैनात पुलिसकर्मियों का एल्कोहल टेस्ट और ब्लड प्रेशर (BP) चेक करवाया। उनके इस कदम की उस समय प्रशासनिक और पुलिस महकमे में काफी चर्चा हुई थी।
संघर्ष से कलेक्टर की जिम्मेदारी तक पहुंचीं
बस्तर के अपेक्षाकृत सुविधाओं से वंचित माहौल में बचपन बिताने से लेकर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश और अब जिले की कलेक्टर बनने तक तनुजा सलाम का सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है।
एयर होस्टेस बनने की इच्छा से करियर की शुरुआत करने वाली तनुजा ने राज्य प्रशासनिक सेवा की राह चुनी, असफलता के बाद दोबारा प्रयास किया और अंततः IAS अधिकारी बनीं। अब मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की नई कलेक्टर के तौर पर उनके सामने जिले के प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।