नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में हुए कथित शुद्धिकरण विवाद को लेकर पार्टी नेताओं की चुप्पी पर नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में खरगे ने इस मुद्दे पर अपनी निराशा सामने रखी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान खरगे ने कहा कि उन्हें इस बात से दुख हुआ कि CWC के कई सदस्यों ने शुद्धिकरण की घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं की और उनके समर्थन में खुलकर सामने नहीं आए।
हल्द्वानी रैली के बाद हुआ था विवाद
यह पूरा मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, खरगे की रैली के बाद कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े लोगों ने उस स्थान पर शुद्धिकरण की प्रक्रिया की थी।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी। कांग्रेस की ओर से इसे लेकर विरोध भी जताया गया, लेकिन खरगे को लगा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर उनका अपेक्षित समर्थन नहीं किया।
CWC में खरगे ने जताई अपनी नाराजगी
CWC की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खरगे ने इस मामले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि पार्टी नेताओं को ऐसे मुद्दों पर एकजुट होकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।
खरगे की नाराजगी का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हल्द्वानी की घटना की स्पष्ट शब्दों में निंदा करेंगे और उनके समर्थन में सामने आएंगे।
कांग्रेस के भीतर भी चर्चा तेज
खरगे की नाराजगी सामने आने के बाद यह मुद्दा कांग्रेस के अंदर भी चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी अध्यक्ष द्वारा CWC जैसे महत्वपूर्ण मंच पर अपनी निराशा व्यक्त किए जाने को संगठनात्मक एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।