Manoj Tiwari Yamuna Bath: छठ पूजा से पहले दिल्ली में यमुना नदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने गुरुवार सुबह सोनिया विहार घाट पर यमुना के पानी में डुबकी लगाई। इस दौरान उनका छठ गीत गाते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मनोज तिवारी ने यमुना की सफाई को लेकर दिल्ली की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को पराली जलाने के मुद्दे पर घेरा।
मनोज तिवारी ने दावा किया कि दिल्ली में यमुना की सफाई के लिए पिछले कुछ समय में काम हुआ है और नदी की स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि छठ पूजा करने वाले श्रद्धालु अब घाटों पर आकर पूजा कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया और यमुना के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण की स्थिति को लेकर सवाल उठाए।
सोनिया विहार घाट पर मनोज तिवारी ने लगाई डुबकी

Manoj Tiwari Yamuna Bath को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा उस समय तेज हुई, जब भाजपा सांसद मनोज तिवारी का सोनिया विहार घाट पर यमुना में डुबकी लगाने का वीडियो सामने आया। वीडियो में वह छठ गीत गाते भी दिखाई दिए। उन्होंने छठ पर्व मनाने वाले लोगों को घाट पर आने का न्योता दिया।
इस दौरान मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि दोनों दलों ने दिल्ली की सत्ता में रहते हुए यमुना की सफाई के नाम पर केवल राजनीति की। उन्होंने दावा किया कि नदी की सफाई के लिए आवंटित करोड़ों रुपये का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और इस काम में भ्रष्टाचार हुआ।
हालांकि, ये आरोप मनोज तिवारी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। यमुना की सफाई पर खर्च और प्रदूषण में सुधार को लेकर वास्तविक स्थिति का आकलन आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
पंजाब की AAP सरकार पर पराली जलाने को लेकर तंज

मनोज तिवारी ने दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार प्रदूषण के लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि पंजाब में भी पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
भाजपा सांसद ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यमुना की सफाई को लेकर किए जा रहे प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार के काम से नदी के प्रदूषण में कमी आई है और आने वाले समय में सफाई का काम और बेहतर होगा।
मनोज तिवारी ने यह भी कहा कि यमुना के कुछ हिस्सों में प्रवासी पक्षियों का दिखाई देना नदी की स्थिति में सुधार का संकेत है। हालांकि, केवल पक्षियों की मौजूदगी को नदी के पूरी तरह साफ होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए पानी की गुणवत्ता से जुड़े वैज्ञानिक आंकड़े जरूरी होते हैं।
सौरभ भारद्वाज ने मनोज तिवारी पर किया पलटवार

मनोज तिवारी के बयान और यमुना में डुबकी लगाने के बाद आम आदमी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।
भारद्वाज ने कहा कि भाजपा के नेता दिल्ली और यमुना की वास्तविक स्थिति को ठीक से नहीं जानते। उन्होंने दावा किया कि पल्ला से वजीराबाद तक यमुना का करीब 26 किलोमीटर का हिस्सा पहले से ही अपेक्षाकृत साफ रहा है। उनके अनुसार, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की रिपोर्ट में भी AAP सरकार के कार्यकाल के दौरान इस हिस्से की स्थिति बेहतर बताई गई थी।
उन्होंने कहा कि यमुना दिल्ली में आगे बढ़ने के साथ अधिक प्रदूषित होती जाती है। सौरभ भारद्वाज ने वजीराबाद से ओखला के बीच करीब 22 किलोमीटर के हिस्से को अत्यधिक प्रदूषित बताया। उनके मुताबिक, नदी के इसी हिस्से में प्रदूषण की समस्या सबसे गंभीर है और सफाई के प्रयासों का मुख्य केंद्र भी यही क्षेत्र होना चाहिए।
मनोज तिवारी और जल मंत्री को कालिंदी कुंज आने की चुनौती
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में मनोज तिवारी और दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा को कालिंदी कुंज घाट पर आने का न्योता भी दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि दोनों नेता वहां पहुंचकर यमुना का पानी पीकर दिखाएं।
भारद्वाज ने दावा किया कि पिछले साल भी ऐसी चुनौती दी गई थी, लेकिन भाजपा नेताओं ने इसे स्वीकार नहीं किया। इस बयान के बाद यमुना की सफाई को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
इस राजनीतिक विवाद के बीच यमुना के अलग-अलग हिस्सों की जल गुणवत्ता पर भी चर्चा शुरू हो गई है। नदी के किसी एक घाट पर डुबकी लगाने से पूरी यमुना की स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि अलग-अलग स्थानों पर प्रदूषण का स्तर अलग हो सकता है।
पंजाब में 29 अक्टूबर तक पराली जलाने के 1,007 मामले
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़े भी इस विवाद के केंद्र में हैं। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के मुताबिक, 29 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने की कुल 1,007 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
जिला स्तर पर तरनतारन में सबसे ज्यादा 397 मामले सामने आए। इसके बाद अमृतसर में 171 और फिरोजपुर में 104 घटनाएं दर्ज की गईं। इन तीन जिलों को मिलाकर कुल 672 मामले सामने आए, जो राज्य में दर्ज कुल घटनाओं का बड़ा हिस्सा है।
आंकड़ों के अनुसार, अकेले तरनतारन में राज्य के कुल मामलों के करीब 39 प्रतिशत मामले दर्ज हुए। पराली जलाने की घटनाओं से निकलने वाला धुआं आसपास के क्षेत्रों की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, दिल्ली-NCR में प्रदूषण के लिए केवल पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्यों की धूल, औद्योगिक प्रदूषण और मौसम संबंधी परिस्थितियां भी इसमें भूमिका निभाती हैं।
छठ पूजा से पहले यमुना की सफाई पर सियासी बहस
छठ पूजा से पहले यमुना के घाटों की सफाई और पानी की गुणवत्ता दिल्ली में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। भाजपा जहां नदी की सफाई के लिए मौजूदा सरकार के प्रयासों को उपलब्धि बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी प्रदूषण के आंकड़ों और नदी के अलग-अलग हिस्सों की स्थिति का हवाला देकर सवाल उठा रही है।
मनोज तिवारी के सोनिया विहार घाट पर डुबकी लगाने के बाद यह बहस और तेज हो गई है। एक ओर भाजपा सांसद ने श्रद्धालुओं को छठ पूजा के लिए घाट पर आने का निमंत्रण दिया, तो दूसरी ओर सौरभ भारद्वाज ने कालिंदी कुंज में यमुना के पानी की स्थिति को लेकर चुनौती पेश की।
Manoj Tiwari Yamuna Bath का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और यमुना की सफाई को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है। असली सवाल यही है कि नदी के पानी की गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है और क्या श्रद्धालुओं के लिए सभी संबंधित घाटों पर सुरक्षित एवं स्वच्छ व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकी है। इसका जवाब पानी की नियमित जांच और आधिकारिक रिपोर्टों से ही स्पष्ट हो सकेगा।