मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम, सिरमौर में मुझे सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री नरेंद्र सूर्यवंशी जी एवं मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला जी के करकमलों से यह सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए सच में बहुत गर्व और खुशी की बात है।
आज मैं भरोसा सेवा समिति का उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ अपने ग्राम खैरहन का सरपंच भी हूं। इन दोनों जिम्मेदारियों ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। गांव में काम करते हुए रोज नए लोगों से मिलना होता है, उनकी समस्याएं सुननी होती हैं और उनके लिए कुछ बेहतर करने की कोशिश करनी होती है।


सरपंच की जिम्मेदारी हो या समाज सेवा का काम, मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि जो भी जिम्मेदारी मुझे मिली है, उसे सिर्फ पद समझकर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा का मौका समझकर निभाऊं।
कई बार रास्ते आसान नहीं होते। लोगों की उम्मीदें बहुत होती हैं, संसाधन सीमित होते हैं और कभी-कभी परिस्थितियां भी साथ नहीं देतीं। कई बार मेहनत का परिणाम तुरंत नहीं मिलता। मेरा मानना है कि अगर नीयत साफ हो और मन में लोगों के लिए कुछ करने का जज्बा हो, तो रास्ते धीरे-धीरे खुद बनते जाते हैं। आज मिला यह सम्मान मेरे लिए मंजिल नहीं है, बल्कि आगे और बेहतर काम करने की नई शुरुआत है।
यह उन सभी लोगों का सम्मान है जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। मेरे परिवार का, मेरे साथियों का, गांव के लोगों का, भरोसा सेवा समिति से जुड़े सभी साथियों का और उन तमाम लोगों का जिन्होंने कभी एक अच्छे शब्द से, कभी सलाह देकर और कभी मुश्किल वक्त में मेरे साथ खड़े होकर मेरा हौसला बढ़ाया। आप लोगों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
किसी ने बिल्कुल सही कहा है-
“मेहनत की राहों में ठोकरें भी मिलीं बहुत,
पर हौसलों ने कभी हार मानना सीखा नहीं।
आज जो मिला है सम्मान का ये मुकाम,
ये सफर अकेले नहीं, आप सबके साथ का नतीजा है कहीं।”
आज इस सम्मान के लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं।
आप सभी के प्यार, सहयोग, आशीर्वाद और विश्वास के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपका यही साथ और भरोसा आगे भी मिलता रहे, यही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
रजनीश कुशवाहा, उपाध्यक्ष भरोसा सेवा समिति सरपंच