कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिला अधिकारों और स्वतंत्रता पर बात करते हुए मनुस्मृति का उल्लेख किया। उन्होंने मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति से जुड़े एक उद्धरण को ‘शर्मनाक’ बताते हुए कहा कि महिलाओं को किसी के अधीन नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक महिलाएं प्रोफेशनल, खिलाड़ी, नेता, क्रिएटर और उद्यमी समेत अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी पहचान बना सकती हैं।
मनुस्मृति के उद्धरण पर क्या बोले राहुल गांधी?
महिला अधिकारों पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि समाज में महिलाओं को अक्सर तीन रिश्तों—मां, पत्नी और बेटी—के जरिए देखा जाता है। उन्होंने कहा कि इन रिश्तों में कोई समस्या नहीं है, लेकिन किसी महिला की पूरी पहचान सिर्फ इन्हीं भूमिकाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
इसके बाद राहुल गांधी ने मनुस्मृति में महिलाओं को लेकर लिखे एक कथित उद्धरण का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इसमें महिलाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में पिता, पति और बेटे के अधीन रहने की बात कही गई है।
राहुल गांधी ने इस विचार को लेकर कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र होना चाहिए और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला का अपने पिता, पति या बेटे के साथ रिश्ता हो सकता है, लेकिन उसे किसी के अधीन नहीं होना चाहिए।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर हिंदू धर्म को लेकर कथित तौर पर नकारात्मक सोच रखने का आरोप लगाया।
तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी के भाषण की क्लिप साझा करते हुए सवाल उठाया कि वह दूसरे धर्मों के धार्मिक ग्रंथों से जुड़े मुद्दों पर भी इसी तरह बात करेंगे या नहीं। बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के बयान को लेकर उन पर युवाओं के बीच कथित तौर पर नकारात्मक सोच फैलाने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी का पुणे कार्यक्रम पहले से रहा विवादों में
राहुल गांधी का पुणे में आयोजित यह कार्यक्रम शुरुआत से ही विवादों में रहा। कार्यक्रम की अनुमति से पहले कई शर्तें लगाए जाने की बात सामने आई थी।
कार्यक्रम से पहले पुणे के सीओईपी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों के बीच विवाद भी हुआ। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हिंसा के आरोप लगाए गए।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि शुक्रवार रात एबीवीपी से जुड़े लोग पुणे के सीओईपी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में घुसे और छात्राओं के साथ मारपीट की। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों के आरोपों को अलग-अलग जांच और आधिकारिक पुष्टि के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
महिलाओं को लेकर राहुल गांधी ने कही ये बात
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को केवल पारिवारिक रिश्तों के आधार पर परिभाषित करना उचित नहीं है। उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्र पहचान और नेतृत्व क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें अपने फैसले खुद लेने और अपने पैरों पर खड़े होने का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की बड़ी ताकत तभी सामने आएगी, जब महिलाएं स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेंगी और खुद पर भरोसा रखेंगी।