दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला अब और गरमा गया है। 21 अगस्त को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कथित पैलेट गन से घायल छात्रों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कथित पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी जांच की जानकारी भी ली। बाद में वे संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ कथित रूप से प्रभावित छात्र साहिल लोचब का परिवार भी मौजूद रहा।
छात्रों के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी
जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी कथित पैलेट गन पीड़ित छात्रों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने डीसीपी सचिन शर्मा से मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी का उद्देश्य मामले में अब तक हुई जांच और कार्रवाई की जानकारी लेना था। इस दौरान उन्होंने कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर जिम्मेदारी तय करने और FIR दर्ज करने की मांग दोहराई।
FIR दर्ज कराने पहुंचे थे साहिल लोचब
बताया गया कि छात्र साहिल लोचब अपने वकीलों के साथ कथित तौर पर उनके खिलाफ इस्तेमाल की गई पैलेट गन के मामले में FIR दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। इसके बाद राहुल गांधी भी छात्रों के समर्थन में वहां पहुंचे।
राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने पर बैठने के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया। उनके साथ साहिल का परिवार भी मौजूद रहा।
संसद में भी उठ चुका है पैलेट गन का मुद्दा
जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में भी उठा था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।
प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा भी किया गया। इसी को लेकर संसद में विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए और मामले पर काफी हंगामा हुआ।
राहुल गांधी पहले भी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने गृह मंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
राहुल गांधी ने पीड़ित छात्र के परिवार से की मुलाकात
राहुल गांधी ने इससे पहले 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब और उसके परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया था कि छात्र को कथित पैलेट गन से गंभीर चोटें आई हैं और वह काफी दर्द में है।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि कथित पैलेट गन की चोट के कारण साहिल की एक आंख की रोशनी चली गई है। इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि से जुड़ी जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।
पैलेट गन मामले में कार्रवाई की मांग तेज
कथित पैलेट गन इस्तेमाल को लेकर अब छात्रों और विपक्षी नेताओं की ओर से FIR और जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है। राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने के बाहर धरना इसी मांग का हिस्सा बताया जा रहा है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है। कथित पैलेट गन के इस्तेमाल और जिम्मेदार लोगों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।